गुप्ता ऑटो मोबाइल ने सरेंडर किये 1.12 करोड़ रुपए मामला दो तरह के बिल बनाने का


शहडोल. जीएसटी की एंटी इवेजन ब्यूरो जबलपुर की टीम ने शहडोल में बिलों में गड़बड़ी करने पर ऑटोमोबाइल व्यवसायी से 1.12 करोड़ रुपए सरेंडर कराए हैं। जीएसटी जबलपुर के संयुक्त कमिश्नर सुनील मिश्रा और उनकी टीम को यहां पर बिलों में बड़बड़ी मिली थी। जीएसटी के संयुक्त कमिश्नर सुनील मिश्रा ने बताया कि शहडोल की गुप्ता ऑटोमोबाइल्स जो कि चार पहिया और दो पहिया वाहनों की बिक्री के साथ साथ ऑटो पार्ट्स और रिपेयरिंग का व्यवसाय करते हैं। इनके खिलाफ एंटी इवेजन ब्यूरो को शिकायत प्राप्त हुई। यहां पर दो प्रकार का बिल बना रहे हैं एक बिल वह होता है जो कि कम राशि के आधार पर आरटीओ और जीएसटी को प्रस्तुत करते हैं, जबकि अधिक राशि का दूसरा बिल कस्टमर को दिया जाता था। शिकायत के आधार पर जब एंटी इवेजन ब्यूरो ने जांच में पाया गया कि गुप्ता ऑटोमोबाइल्स में ये गड़बड़ी लंबे समय से चल रही है। इसके बाद जीएसटी जबलपुर टीम ने जीएसटी की धारा 62 (क) के तहत करीब 40 से ज्यादा लोगों ने इस पूरे मामले की एक सप्ताह तक जांच की। गुप्ता ऑटो मोबाइल ने अपनी गलती मानते हुए जीएसटी विभाग को 1.12 करोड़ की राशि सरेंडर किए हैं। बताया जा रहा है कि जीएसटी की प्रदेश में ये सबसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है, जिसमें इतनी बड़ी राशि सरेंडर कराई गई।


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