अधिमान्य ही नहीं जमीनी पत्रकारों को भी कोरोना योद्धा का दर्जा दिया जाए-फुन्देलाल सिंह

 

अनूपपुर , जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर के अध्यक्ष फुन्देलाल सिंह मार्को ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि शिवराज जी गिनती के अधिमान्य पत्रकारों को ही नहीं जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे हजारों पत्रकारों को भी कोरोना योद्धा का दर्जा दिया जाए।उन्होंने कहा कि अधिमान्य पत्रकारों को आपने कोरोना योद्धा का दर्जा दिया है उसका विरोध नहीं है उसका भी स्वागत है।लेकिन वास्तविकता में देखा जाए तो पत्रकार एक है उसमें बंटवारा नहीं किया जाना चाहिए।अगर वास्तविकता में देखा जाए तो जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले हजारों पत्रकार अपनी जान को जोखिम में डालकर मैदानी स्तर पर कार्य करते हैं।मेरे जिले के अंतर्गत ही भयावाह कोरोना का प्रकोप होने के बाद भी पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना पीड़ितों की जानकारी एकत्रित करते हैं,उन्हें चिकित्सालय तक पहुंचाने में मदद करते हैं, उनकी खबरों से सीएमएचओ, कलेक्टर एवं शासन के ध्यान में लाकर उनकी कमियों को पूरा कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिला कांग्रेस के अध्यक्ष फुन्देलाल सिंह मार्को ने कहा कि कोरोना के इस संकट की घड़ी में पत्रकार भी एक ऐसा वर्ग है जो सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।इसलिए इन्हें भी बिना किसी भेदभाव के कोरोना योद्धा माना जाए और सभी प्रकार की सुविधाएं दी जाएं जो अन्य शासकीय अधिकारी कर्मचारी को दी जाती है।उन्होंने आंकड़े देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में राज्य स्तरीय अधिमान्य पत्रकार 1150, जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार 2200 और तहसील स्तरीय अधिमान्य पत्रकारों की संख्या 900 इस प्रकार कुल 4250 अधिमान्य पत्रकारों के लिए आपने निर्णय लिया है एवं प्रदेश के हजारों पत्रकारों को आपने निराश कर दिया है जो राज्य सरकार द्वारा अधिमान्यता की सूची में शामिल नहीं है।जबकि यह पत्रकार भी गांव-गांव जाकर सरकार की योजनाओं का बखान करते हैं या फिर जमीनी हकीकत से सरकार को अवगत कराने का प्रयास करते हैं।जिला कांग्रेस अध्यक्ष फुन्देलाल सिंह मार्को ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी चौहान से आग्रह किया है कि अपनी उदारवादी सोच रख कर इन्हें भी कोरोना योद्धा का दर्जा दिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि गैर अधिमान्य पत्रकारों के बारे में भी तत्काल निर्णय लेते हुए उन्हें फ्रंटलाइन का वर्कर मानने की घोषणा शीघ्र करनी चाहिए।  उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पत्रकारों में भेदभाव का मैसेज आपके द्वारा नहीं जाना चाहिए।गैर अधिमान्य पत्रकार भी अपने आप को अधिमान्य पत्रकार के समकक्ष समझे इसके लिए तत्काल निर्णय लेना चाहिए।

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