जानिए छठ पूजा के बिधि विधान और मुहूर्त


पूरे भारत वर्ष में खास कर यूपी और बिहार में छठ पर्व की धूम देखी जा रही है. लोग आज षष्टी की शाम सूर्य को अर्घ्य दे रहे हैं. और  कल सप्तमी की सुबह उगते हुए सूरज को अर्घ्य देने के साथ छठ पर्व का समापन किया जाएगा कार्तिक मास की षष्टी को छठ मनाई जाती है. छठे दिन पूजी जाने वाली षष्ठी मइया को  आसान भाषा में छठी मइया कहकर पुकारते हैं. मान्यता है कि छठ पूजा  के दौरान पूजी जाने वाली यह माता सूर्य भगवान की बहन हैं. इसीलिए लोग सूर्य को अर्घ्य देकर छठ मैया को प्रसन्न करते हैं. वहीं, पुराणों में मां दुर्गा के छठे रूप कात्यायनी देवी को भी छठ माता का ही रूप माना जाता है. छठ मइया को संतान देने वाली माता के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि जिन छठ पर्व संतान के लिए मनाया जाता है. खासकर वो जोड़े जिन्हें संतान का प्राप्ति नही हुई. वो छठ का व्रत रखते हैं, बाकि सभी अपने बच्चों की सुख-शांति के लिए छठ मनाते हैं. आज छठव्रती अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ देंगे. अर्घ देने का मुहूर्त शाम 4:50 से 5:10 बजे तक है. इसी तरह रविवार सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ दिया जायेगा. सुबह अर्घ देने का समय 6:18 बजे से 6:38 बजे तक है.