लोकायुक्त कार्यवाही /हॉस्पिटल पर कार्यवाही न करने के नाम पर नोडल अफसर 20 हज़ार रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

कलेक्टर कार्यालय इंदौर स्थित पीसीसीएनडीटी कार्यालय में पदस्थ आरोपी नोडल अधिकारी द्वारा आवेदक से बोला गया कि आवेदक एवं उक्त नर्सिंग होम की महिला डॉक्टर के विरुद्ध लिंग परीक्षण की शिकायत आई है अगर शिकायत में पुलिस कार्रवाई नहीं चाहते हो तो आरोपी नोडल अधिकारी को 50000 की रिश्वत देना होगी



इंदौर/ मध्य प्रदेश की इंदौर लोकायुक्त पुलिस  ने पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी को 20 हज़ार की रिश्वत  लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. आरोपी ने राजवाड़ा क्षेत्र के अर्पण नर्सिंग होम के संचालक सुनील शुक्ला से हॉस्पिटल की एक शिकायत पर कार्यवाही न करने के नाम पर 20 हज़ार रुपये रिश्वत की मांग की थी दरअसल नोडल अधिकारी सतीश जोशी को अर्पण नर्सिंग होम के डायरेक्टर सुनील शुक्ला के हॉस्पिटल की एक महिला डॉक्टर के विरुद्ध भ्रूण लिंग परीक्षण की शिकायत मिली थी और इसी शिकायत को लेकर सतीश जोशी ने हॉस्पिटल के डायरेक्टर सुनील शुक्ला से 50 हज़ार रिश्वत की मांग की थी, जिस पर आज 20 हज़ार की पहली किश्त रिश्वत देना तय हुई थी. इस पर आवेदक ने लोकायुक्त पुलिस में शिकायत की थी. इसके बाद भ्रष्ट नोडल अधिकारी को कलेक्टर ऑफिस कार्यालय की पार्किंग में कार के अंदर 20 हज़ार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है
लोकायुक्त डीएसपी प्रवीण बघेल के मुताबिक़ नर्सिंग होम संचालक सुनील शुक्ला ने लोकायुक्त दफ्तर में शिकायत की थी, कि पीसीपीएनडीटी के नोडल ऑफिसर सतीश जोशी उनके नर्सिंग होम पर आकर कह रहे है कि उनके यहां अवैध तौर पर भ्रूण लिंग परीक्षण होने की शिकायत मिली है, शिकायत के निवारण हेतु पैसों की मांग की जा रही. मामले की तसदीक होने के बाद लोकायुक्त ट्रेप दल का गठन किया गया. जैसे ही जोशी ने पैसे देने के लिए कलेक्टर कार्यालय की पार्किंग में बुलाया, दस सक्रिय हो गया. पैसे लेते ही लोकायुक्त दल ने शिकंजा कसते हुए आरोपी अफसर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. जानकारी मिली है की सतीश जोशी ने और भी कई नर्सिंग होम संचालकों से रिश्वत की मांग की थी


Popular posts
‘लोकतंत्र के मंदिर’’ में ‘‘अर्द्धसत्य’’ कथन कर ‘‘न्याय मंदिर’’ व ‘‘जनता के मंदिर’’ को झूठला दिया गया?
Image
तनाव’’, ‘‘कारण-निवारण’’!
Image
पेगासस : पत्रकारों, जजों मंत्रियों आदि की जासूसी लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए अत्यंत खतरनाक , जांच ज़रूरी..
Image
रेलवे स्टेशन के बाहर लोकायुक्त की कार्रवाई, कार्यपालन अभियंता को तीन लाख की रिश्वत के साथ पकड़ा
Image
क्या ‘‘वरूण’’ भारतीय राजनीति में (विलुप्त होते) ‘‘गांधीज़’’ (नाम) की परंपरा के सफल वाहक सिद्ध हो पायेगें
Image