आप भी लगा सकेंगे इलेक्ट्रिक कारों के लिए चार्जिंग स्टेशन,


एक तरफ दिन प्रतिदिन बढ़ती पेट्रोल/डीज़ल की कीमतें और दूसरी तरफ तेज़ी से बढ़ता प्रदूषण, ये दो ऐसे प्रमुख कारण हैं जिनकी वजह से इलेक्ट्रिक वाहन बाजार का काफी सुनहरा भविष्य खासतौर पर भारत में दिखलाई दे रहा है। केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ाने के लिए पूरे देश में चार्जिंग नेटवर्क बनाने जा रही है। चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए सरकार अब आर्थिक तौर पर मदद भी करेगी। भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय को इसका जिम्मा सौंपा गया है। चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए इच्छुक व्यक्ति मंत्रालय से संपर्क कर सकते हैं।खबरों के मुताबिक पहले चरण में देशभर में 1000 चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे और प्रत्येक चार्जिंग स्टेशन पर छह चार्जर होंगे। गणना के मुताबिक इन एक हजार स्टेशंस पर एक साथ 6 हजार गाड़ियों को चार्ज किया जा सकेगा। इनमें से कई चार्जिंग स्टेशंस पर फास्ट चार्जर की भी सुविधा होगी।
 ,मंत्रालय के मुताबिक इन चार्जिंग स्टेशंस को किसी निजी जगह या सार्वजनिक जगहों पर लगाया जा सकेगा और सरकार इसके लिए सब्सिडी मुहैया कराएगी। वहीं सरकार की यह भी शर्त है कि इसके लिए ऑनलाइन सुविधा भी देनी होगी, ताकि इलेक्ट्रिक गाड़ियों के ग्राहक ऑनलाइन अपाइंटमेंट ले सकें। रिपोर्ट्स के मुताबिक चार्जिंग के लिए बिजली की सुविधा किसी भी बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी से ली जा सकेंगी और बिजली कंपनियां लागत का 15 फीसदी अतिरिक्त चार्ज कर सकेंगी।
 इन चार्जिंग स्टेशंस पर 6 चार्जर होंगे, जिनमें 3 चार्जर फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेंगे। इनकी खासियत होगी कि ये मात्र आधा घंटे में गाड़ी को फुल चार्ज कर देंगे। सब्सिडी वाले चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए आवेदक 20 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे और चुने हुए आवेदकों को 9 माह के भीतर सेटअप तैयार करना होगा। वहीं चार्जिंग स्टेशन शुरू करने के लिए अंतिम सहमति बिजली वितरण कंपनी की होगी।
नोएडा में 100 चार्जिंग स्टेशन
इनमें सबसे ज्यादा चार्जिंग स्टेशन 10 से 40 लाख तक की आबादी वाले शहरों में लगाए जाएंगे। हाल ही में उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले में चार्जिंग स्टेशन का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा होने जा रहा है। गौरतलब है सरकारी कंपनी एनर्जी एफिशिअंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (नोएडा) के साथ समझौता किया है। जिसके तहत नोएडा में तकरीबन 100 चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे।
एक अनुमान के अनुसार,एक इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन पर करीब 4 लाख रुपये का खर्च आएगा. इसके लिए अगल से पावर सप्लाई करने की योजना है. सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि रेजिडेंशियल एरियाज में भी चार्जिंग प्वाइंट्स लगाए  दरअसल इसमें यह भी कहा गया कि हाईवेज पर हर 25 किलोमीटर पर दरअसल सड़क के दोनों तरफ एक पब्लिक चार्जिंग स्टेशन होना चाहिए., 'इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर पर गाइडलाइंस सभी राज्य सरकारों और यूनियन टेरिटरीज को सर्कुलेट कर दी गई है.इसके लिए भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के सार्वजनिक उपक्रमों के साझा उद्यम एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड यानी कि ईईएसएल ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और 100 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए नोएडा के साथ समझौता पर हस्ताक्षर किए हैं.
 वर्तमान समय में नोएडा में इलेक्ट्रिक परिवहन के लिए जरूरी मजबूत ढांचागत सुविधा को बढ़ावा देकर यहां ईवी को अपनाने की प्रक्रिया तेज करने में यह समझौता ज्ञापन सहायक साबित होगा. मालूम हो कि ईईएसएल ने अपने ईवी कार्यक्रम के तहत 10,000 ई-कार की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है. अब तक देश भर में 1,510 ई-कार रजिस्ट्रेशन/ आवंटन के तहत उतारी जा चुकी हैं. दरअसल ई-कारों की चार्जिंग के लिए 295 एसी और 161 डीसी चार्जर को भी मंजूरी दी जा चुकी है.  ईएसएल ने विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों, सरकारी विभागों और आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं.
आपको बता दें कि केंद्रकी मोदी सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम कर रही है. दरअसल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए नेशनल हाईवेज पर चार्जिंग स्टेशन लगाने के काम में भी पहले के मुकवँतेजी आ सकती है.
 इन्हें लगाने के लिए 15 राज्यों ने नोडल एजेंसियों की घोषणा कर दी है. एक साल के भीतर हाईवे पर चार्जिंग स्टेशन लगेंगे जिसमें 4,000 से ज्यादा EV चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे.हर , हर 30 किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन लगेंगे जिसके लिए सरकार 1,050 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी देगी. बता दें कि ये चार्जिंग स्टेशन एनटीपीसी, पावर ग्रिड के साथ मिलकर लगाए जाएंगे. वहीं साल 2030 तक 40% इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का लक्ष्य है.
ये कंपनियां लगाएंगी चार्जिंग स्टेशन
दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड,गुजरात एनर्जी विकास एजेंसी,उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड,पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन 
 लिमिटेड,BESCOM,