अवैध रेत उत्खनन /एसडीएम ने लगाया कलेक्टर पर बंधक बनाने को आरोप

आरोप /कलेक्टर ने एसडीएम को रात 12 बजे अपने बंगले पर बुलाया और तीन घंटे तक बंधक बनाकर रखा एसडीएम ने प्रमुख सचिव से की शिकायत



होशंगाबाद /मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में नर्मदा नदी  से अवैध उत्खनन के लिए प्रदेश भर में कुख्यात होशंगाबाद जिले में अनोखा  मामला सामने आया है।  होशंगाबाद में एसडीएम रविश श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने रात 12 बजे अपने बंगले पर बुलाया और तीन घंटे तक बंधक बनाकर रखा।। जिले में कलेक्टर शीलेंद्र सिंह और एसडीएम रविश श्रीवास्तव का जमकर विवाद हुआ और सूत्रों के अनुशार विबाद की बजह पूर्व विधायक के बेटे की  रेत के स्टॉक पर कार्यवाही करना और एक मामले से जुडी फाइल को बताया जा रहा है रात  की  घटनाक्रम के बाद सुबह कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने एसडीएम रविश श्रीवास्तव से प्रभार छीनकर दुसरे अधिकारी को दे दिया है ,दरअसल एसडीएम रविश श्रीवास्तव की माने तो वह कुलामणि रेत खदान पर कार्रवाई करने जा रहे थे जहां 50 डंपर रेत स्टोर की गई थी ।एसडीएम का कहना है कि जब प्रदेश भर में खनिज की रॉयल्टी बंद है तो  फिर यहा आठ रेत स्टॉक को कैसे अनुमति दी गई और इस अनुमति को जब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने निरस्त कर दिया तो फिर यह कैसे रखी हुई है।एसडीएम ने कलेक्टर पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए कहा कि कलेक्टर ने उन्हें पहले बंगले बुलाया, मेरी गाड़ी छीन ली, बिना वारंट मेरा मोबाइल छीनने की बंगले के सैनिकों ने कोशिश की और इतना ही नहीं मुझे 3 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। इस मामले में कलेक्टर का कहना है कि एसडीएम को बंगले पर बुलाना गलत नहीं। यह भी ऑफिस है और एसडीएम ने रेत उत्खनन के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की।रेत स्टॉक की अनुमति के बारे में कलेक्टर का कहना है कि भोपाल से दी गई थी। यह पहला मामला नहीं है जब कलेक्टर ऊपर रेत उत्खनन के संलिप्पता के आरोप लगे हो ।पहले भी एक एसडीएम उनके ऊपर ऐसे आरोप लगा चुके हैं। इसके अलावा बुरहानपुर में जिला पंचायत सीईओ रहते हुए भी उनकी कार्यशैली विवादास्पद रही है ।श्रीवास्तव ने इसकी शिकायत मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव को भेज दी है। मप्र में पहला मामला है जब अवैध रेत व्यापार को लेकर दो अधिकारियों की लड़ाई इस तरह सड़क पर आई है।