भाजपा विधायक प्रह्लाद लोधी की विधानसभा सदस्यता शून्य , मप्र में शुरू हुई सियासत

स्पेशल कोर्ट के फैसले के बाद मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय से भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी की सदस्यता रद्द कर दी है। दरअसल स्पेशल कोर्ट ने भाजपा विधायक को 2 साल की सजा दी थी।



भोपाल. मध्य प्रदेश  की पवई विधानसभा सीट से भाजपा विधायक प्रह्लाद लोधी की विधानसभा सदस्यता शून्य कर दी गई है. मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नर्मदा प्रजापति ने तहसीलदार से मारपीट के मामले में भोपाल की विशेष अदालत ने शुक्रवार को पवई से भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी और 12 अन्य को दो साल की सजा सुनाई। साथ ही उनपर साढ़े तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया इसके बाद यह निर्णय लिया है.इस फैसले के बाद विधानसभा सचिवालय ने कोर्ट के फैसले की कॉपी मंगाई और कुछ ही देर बाद प्रह्लाद लोधी की सदस्यता शून्य किए जाने की घोषणा कर दी. इस घोषणा से पवई विधानसभा सीट खाली हो गई है, जिस पर अब उपचुनाव कराए जाएंगे. झाबुआ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव का परिणाम आने के तुरंत बाद इस तरह के राजनीतिक घटनाक्रम से भाजपा को झटका लगा है. विधानसभा में पार्टी के विधायकों की संख्या घटकर अब 107 रह गई है. वहीं, विधानसभा स्पीकर के निर्णय के बाद मामले पर राजनीति भी शुरू हो गई है.विधायक प्रह्लाद लोधी की सदस्यता शून्य होने को लेकर बीजेपी ने विधानसभा के अध्यक्ष के फैसले पर सवाल उठाया है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने फैसले के बाद जारी बयान में कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का यह निर्णय, सदन के अभिभावक के अनुकूल नहीं है. राकेश सिंह ने फैसले को अलोकतांत्रिक और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विरुद्ध बताया. उन्होंने कहा कि पवई विधायक को न्याय के लिए हाईकोर्ट में जाने का अधिकार है और हम जाएंगे भी. स्पीकर को इस दृष्टि से भी विचार करना चाहिए था. वहीं, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी फैसले के प्रति नाराजगी जताई है. पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विधानसभा स्पीकर ने राजनीतिक द्वेष से यह फैसला लिया है. प्रह्लाद लोधी के पास उच्च न्यायालय जाने का मौका है, हम इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय जाएंगे.
मामला ये था 
प्रहलाद लोधी पर आरोप था कि उन्होंने रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई करने वाले रैपुरा के तहसीलदार के साथ बीच रोड रोककर मारपीट की। 2014 में पन्ना जिले की रैपुरा तहसील में नोनीलाल लोधी द्वारा रेत का अवैध खनन किया जा रहा था, इसके रोकने के लिए वहां के तहसीलदार मौके पर पहुंचेऔर  सिमरिया थाने में रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली को जब्त करके थाने में खड़ा कर दिया था इसकी जानकारी जैसे ही भाजपा विधायक को मिली तो उन्होंने वापस लौट रहे तहसीलदार वर्मा की जीप को मंडवा गांव के पास रोककर साथियों के साथ मिलकर तहसीलदार के साथ मारपीट की और गालियां दीं थी ।


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