कोतमा में नहीं थम रहा पत्थर का अवैध उत्खनन ,उत्खनन रोकने में प्रशासन नकाम


पत्थरो के अवैध उत्खनन पर खनिज विभाग ने साधी चुप्पी ,विस्फोटक पदार्थो का हो रहा उपयोग, अवैध परिवहन कर पहुंचाया जा रहा क्रेशरो में
कोतमा,अनूपपुर । कोतमा क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण इलाको से खनिज माफिया द्वारा निजी व सरकारी भूमियो से पत्थरो का अवैध उत्खनन कर उसके परिवहन करने में लगे हुए है। वहीं पत्थरो के अवैध उत्खनन में माफिया द्वारा विस्फोटक सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्रो में भय का महौल बना रहता है। वहीं खनिज विभाग द्वारा इन ग्रामीण क्षेत्रो में अवैध उत्खनन पर कार्यवाही की बजाय अपनी उदासीन रवैया अपनाते हुए माफियाओ से सांठगांठ कर अवैध खनन की खुली छूट दे रखे है। 
इन क्षेत्रो में हो चल रहा है उत्खनन
कोतमा सहित ग्राम पथरौडी, डोंगरिया कला, रेउला, पैरीचूआ, लामाटोला, बसखला, मौहरी, दैवंगवा, निगवानी एवं आसपास के वन एवं राजस्व की भूमि से माफियाओ द्वारा दिन रात जमकर पत्थरो का अवैध उत्खनन कर उसका परिवहन किया जा रहा है, जिसके कारण शासन को राजस्व की क्षति हो रही है। वहीं लगातार शिकायत के बाद भी खनिज विभाग चुप्पी साधे बैठी है। जिसके कारण कोतमा क्षेत्र सहित पूरे जिले में खनिज माफिया बिना किसी भय के उत्खनन कर आसपास संचालित क्रेशरो में पत्थरो को पहुंचाया जा रहा है। 
समतल भूमि बनी खाई 
ग्रामीणो के अनुसार क्षेत्र के खनन से जुडे लोगो द्वारा पथरौडी, डोंगारिया एवं पैरीचुआ से दिनभर पत्थरो का अवैध उत्खनन कर परिवहन किया जाता है, वहीं लगातार पत्थरो के उत्खनन से जहंा समतल भूमि गड्ढे में बदल गई है। रात दिन हो रहे अवैध खनन से पहाडो का सीना छलनी होता जा रहा है, पहाडो मे खनन कर गिट्टियां तोडी जा रही है। 
विस्फोटक पदार्थो का हो रहा उपयोग
ग्राम पथरौडी, निगवानी, कोठी, बिजुरी, राजनगर सहित आसपास के क्षेत्रो में माफियाओ द्वारा चट्टानो को तोडने के लिए विस्फोटक सामग्री बारूद एवं डेटोनेटर का उपयोग कर रहे है। जिसके लिए श्रमिको को लगाया जाता है। वहीं बारूद के उपयोग के कारण पूर्व में क्षेत्र मे कई हादसे भी हो चुके है। लेकिन इसके बाद भी जिला प्रशासन सहित खनिज विभाग खनिज माफियाओ पर कार्यवाही करने परहेज कर रहा है।   
अवैध क्रेशरो का खुलेआम संचालन
कोतमा सहित आसपास के एक दर्जन से अधिक अवैध क्रेशरो का संचालन किया जा रहा है। जहां प्रशानिक उदासीता के कारण इस ओर किसी तरह का ध्यान नही दिया जा रहा। वहीं नेशनल हाईवे बेलिया फाटक के पास संचालित क्रेशर के कारण हाइवे पर उडते डस्ट से दुर्घटना की आंशका बनी हुई है।


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