मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल के डीजीएम के तीन ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा

लोकायुक्त सूत्रों के अनुसार लोकायुक्त को जब शर्मा के खिलाफ शिकायत मिली थी, छापे में शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के कोई सबूत नहीं मिले हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती है, डीजीएम समीर कुमार शर्मा भोपाल में पदस्थ हैं. वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बनारस के रहने वाले हैं. 2007 से नौकरी कर रहे शर्मा का वर्तमान में एक लाख 18 हजार रुपए वेतन है.



भोपाल. मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के डीजीएम समीर कुमार शर्मा के निवास पर शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस ने छापा मारा। 12 साल पहले बिजली कंपनी ज्वाइन करने वाले समीर कुमार शर्मा की जांच में भोपाल और बनारस में आलीशान मकान पाए गए हैं। लोकायुक्त की तीन टीमों ने एक साथ छापा मारा है। पुलिस ने 10 लाख रुपए के जेवर समेत तीन बैंकों में खाते, जीवन बीमा के दस्तावेज जब्त किए हैं।  बिजली कंपनी में 2007 में सेवा में आए डीजीएम समीर कुमार शर्मा का वर्तमान में एक लाख 18 हजार रुपए वेतन है और  इसी साल अगस्त में इनका इटारसी से भोपाल ट्रांसफर हुआ था। डीजीएम के खिलाफ इटारसी में काम करने के दौरान लोकायुक्त पुलिस को अनुमान से ज्यादा संपत्ति की शिकायत की गई थी।लोकायुक्त ने शिकायत की जांच की और शुक्रवार को समीर शर्मा के अयोध्यानगर बाईपास स्थित सागर इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च टेक्नालॉजी, सागर सिल्वर स्प्रिंग्स के डुप्लेक्स पर छापे की कार्रवाई शुरू की। लोकायुक्त पुलिस की एक-एक टीम उनके गोविंदपुरा बिजली कंपनी के दफ्तर व समरधा स्थित फ्लैट में भी पहुंची।लोकायुक्त छापे के दौरान लोकायुक्त पुलिस को डीजीएम शर्मा के सागर सिल्वर स्प्रिंग्स स्थित आवास से करीब 500 ग्राम सोने की ज्वैलरी समेत 8 लाख के आभूषण मिले हैं। बनारस में पत्नी के नाम एक मकान का रिकॉर्ड भी मिला, जिसकी जांच के लिए लोकायुक्त पुलिस की एक टीम बनारस भेजी जा रही है। 


 


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