प्रदेशभर में किरकिरी करा रही भालूमाड़ा की पुलिस कार्यप्रणाली



डीजल चोरो को छोड़े जाने सहित कई मामलो में लगे आरोपी के बाद दिया जा रहा अभयदान
कोतमा,अनूपपुर  । भालूमाडा़ थाना क्षेत्र में पुलिस की उदासीनता से लगातार अपराधों का ग्राफ बढ़ रहा है, जहां आए दिन लूट, चोरी, अवैध खेल, अवैध कारोबार जमकर फल फूल रहे है। जहां इन्हे रोकने में भालूमाड़ा पुलिस लगातार नाकाम साबित हुई है। क्षेत्र में जुआ, सट्टा, अवैध शराब, कबाड़, अवैध उत्खनन जोरा पर हैं। वहीं पोड़ी घाट सोन नदी से दिन रात रेत का अवैध परिवहन , केवई नदी, शिवलहरा घाट, पंप घाट, लतार से रात के अंधेरे में अवैध कारोबार स्थानीय पुलिस के संरक्षण मे अपना कार्य प्रारंभ कर देने की चर्चा भी अब आम हो चुकी है। वहीं जब भी इस तरह के मामले सामने आए है। ईमानदार और अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठावान बताने वाले थाना प्रभारी की भूमिका कई बार संदिग्ध देखी गई। जैसे महिला उत्पीडऩ, डीजल चोरो को छोड़ा जाना, पत्रकार पर बिना जांच कर रंजिशन झूठे मामले दर्ज करना जैसे कई संगीन मामलों सामने आए। जहां पर थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगातार खड़े हो रहे है। थाना प्रभारी के कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों ने कई बार वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर पूरे मामले से अवगत भी कराया गया किन्तु अब तक पूरा मामले में उन्हे सिर्फ जांच का नाम देकर टालमटोल किया जा रहा है।
डीजल चोरो को छोडऩे थाना प्रभारी की भूमिका रही संदिग्ध
नेशनल हाईवे मार्ग 43 बदरा एमएन सिंह पेट्रोल पंप के पास 31 अगस्त की रात बोलोरो वाहन क्रमांक एमपी 65 टी 1164 से 4 व्यक्ति पेट्रोल पंप पर उतरे और पेट्रोल पंप में खड़े ट्रक से डीजल चोरी करते समय पकड़ते हुए दो पुलिसकर्मी चालक करमजीत सिंह एवं आरक्षक दिनेश सिंह राठौर द्वारा थाना ले जाया गया। जहां दो आरोपियों को हथकड़ी लगाकर रखा गया, लेकिन सुबह होते होते ही बिना कार्यवाही किए उन्हे थाना प्रभारी मनोज दीक्षित द्वारा छोड़ दिया गया था। जिसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की गई, जिसके बाद आनन फानन में तीन दिन बाद दोने आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए बोलेरो वाहन को जब्त करते हुए कार्यवाही की गई। 
एसडीपीओ कोतमा की जांच में थाना प्रभारी मिले दोषी
डीजल चोरी के मामले में पुलिस अधीक्षक अनूपपुर के निर्देश पर भालूमाड़ा थाना क्षेत्र में 31 अगस्त को डीजल चोरी के मामले की विभागीय जांच प्रारंभ कराई गई। जहां जांच के उपरांत एसडीओपी कोतमा एस.एन. प्रसाद ने बताया कि भालूमाड़ा थाना प्रभारी मनोज दीक्षित व दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका जांच के दौरान संदिग्ध पाई गई। दो डीजल चोरो को पकडक़र, पहले हथकड़ी लगाई जाती है फिर उन्हें छोड दिया गया। किन्तु थाना प्रभारी भालूमाड़ा के विरूद्ध आज तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी।