तीसरे दिन खुला सहायक आयुक्त कार्यालय का ताला,विवेक पांडेय ने संभाला का कार्यभार



अनूपपुर । कलेक्टर कार्यालय (आदिवासी विकास विभाग) अनूपपुर में एक पद और तीन अधिकारी की पदस्थापना को लेकर २२ दिसम्बर की दोपहर से मचेे घमासान में २३ दिसम्बर की शाम जिला प्रशासन ने शासन के आदेश में स्थानांतरित होकर बड़वानी से अनूपपुर आए सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग अधिकारी विवेक पांडेय को विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी है। साथ ही अपने आदेश में संवितरण और वित्तीय अधिकार को भी सौंपते हुए २४ दिसम्बर की सुबह सील हुए आदिवासी विभाग के कार्यालय को खोल दिया है। इस प्रकरण में प्रशासन ने सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग का अतिरिक्त प्रभार सम्भाल रहे निर्वतमान प्राचार्य डीएस राव को उनके मूल पद पर वापस भेज दिया है। यहीं नहीं पूर्व सहायक आयुक्त पीएन चतुर्वेदी को हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के परिपालन तथा अगले आदेश तक विभाग में ही पदस्थ रहने की अनुमति प्रदान की है। २४ दिसम्बर को एसडीएम अनूपपुर कमलेश पुरी द्वारा कार्यालय का ताला खोलने के दौरान सहायक आयुक्त विवेक पांडेय के अलावा अन्य दोनों पदाधिकारी मौके से अनुपस्थित रहे। एसडीएम द्वारा सुबह १०.४५ बजे खुलवाए गए कार्यालय के उपरांत विभागीय कर्मचारियों व अधिकारियों ने राहत की सांस ली। कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर ने बताया कि वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पूर्व तत्कालीन कलेक्टर ने सहायक आयुक्त पीएन चतुर्वेदी से वित्तीय अधिकार लेते हुए जिपं सीईओ को सौंपा था। वहीं प्राचार्य डीएस राव को विभाग का अतिरिक्त प्रभार की भी जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन पूर्व सहायक आयुक्त ने मामले में कोर्ट का आदेश ले आए। वहीं हाल के दिनों में उनकी सहमति पर ही बड़वानी के लिए स्थानांतरण आदेश शासन द्वारा जारी किया गया था, जिसमें शासन ने विवेक पांडेय को अनूपपुर और पीएन चतुर्वेदी को बड़वानी के लिए स्थानांतरण आदेश जारी किया था। लेकिन शासन के जारी आदेश बाद वे न्यायालय से स्थानांतरण पर आदेश जारी करवाकर अनूपपुर आ गए। वहीं सहायक आयुक्त के रूप में विवेक पांडेय ने पदभार ग्रहण करते हुए विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों से चर्चा की। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों से विभागीय कार्य व पेंडिंग कार्यो के बारे में जानकारी लेते हुए कार्य को पूर्ण कराने निर्देश दिया।