आयुष्मा "न" भवः,प्रधानमंत्री के गृह राज्य में उनके ही ड्रीम प्रोजेक्ट का बंटाढार

 गुजरात के एक अस्पताल में आरोग्य मित्र ने एक ही परिवार के नाम पर 1700 लोगों के कार्ड बना दिए इसी तरह  छत्तीसगढ़ उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र,और झारखंड  मिलाकर इस तरह के दो लाख से अधिक फर्जी मामले पकड़े गए हैं



दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्माण भारत के लाभ का गलत फायदा उठाया जा रहा है। जहां योजना के तहत दो लाख से ज्यादा फर्जी गोल्डन कार्ड बना दिए गए है, जिसकी खुलासा नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के आईटी सिस्टम ने किया है। हांलाकि अभी तक दो लाख कार्ड का ही खुलासा हुआ है। मामले की जांच के बाद और भी फर्जी कार्ड का राज खुल सकते है। साथ ही एनएचए को योजना के तहत अब तक कितने लोगों को फायदा मिला है। इसकी अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। बाकी जो भी कार्ड में फर्जी मिले है, उस मामले पर कार्रवाई करने शुरू कर दी गई है। अगर आयुष्मान भारत कार्ड पर फर्जीवाड़ा का आकड़ा देखा जाए तो गुजरात के एक अस्पताल में आरोग्य मित्र ने एक ही परिवार के नाम पर 1700 लोगों का कार्ड बना हुआ था। ऐसे ही छत्तीसगढ़ के एएसजी अस्पताल में एक परिवार के नाम पर 109 कार्ड बना कर, 57 लोगों ने आंख की सर्जरी भी करा रखी है। पंजाब में दो परिवार के नाम पर 200 कार्ड और मध्य प्रदेश में एक परिवार के 322 कार्ड बनाए गए है। इसका खुलास तब हुआ जब निजी अस्पतालों ने लगातार बड़े- बड़े बिल सरकार को भेजने शुरू कर दिए गए थे। शुरुआती जांच में 65 अस्पताल का खुलासा कर सरकार के द्वारा 4 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूली किया गया है। वहीं फर्जी बिल भेजने वाले 171 अस्पतालों को योजना से बाहर कर दिया गया है। दूसरी ओर मध्यप्रदेश के 700 और बिहार के 650 से ज्यादा बिलों को भी संदिग्ध पाया गया है। आयुष्मान योजना सितंबर 2018 में शुरू की गई थी. इस रिपोर्ट के अनुसार अब तक 70 लाख लोगों का इलाज हुआ है. इसके बदले भारत सरकार की ओर से अस्पतालों को 4,592 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है.
ये थी योजना 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'प्रधानमंत्री जन आरोग्य' योजना  की घोषणा की है. इसे पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर 25 सितंबर से देशभर में लागू कर दिया गया है. सरकार आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीब, उपेक्षित परिवार और शहरी गरीब लोगों के परिवारों को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराना चाहती है.आयुष्मान भारत योजना  का लाभ लेने के लिए कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं है. एक बार योग्य होने पर आप सीधे इलाज करा सकते हैं. सरकार द्वारा चिन्हित परिवारों के लोग आयुष्मान भारत योजना में शामिल हो सकते हैं. केंद्र सरकार सभी राज्य सरकार और इलाके की अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ आयुष्मान भारत योजना के लिहाज से योग्य परिवार की जानकारी साझा करेगी. उसके बाद इन परिवारों को एक फैमिली आइडेंटिफिकेशन नंबर मिलेगा. लिस्ट में शामिल लोग ही आयुष्मान भारत योजना आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठा सकते हैं.


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