सरकारी कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना को मंजूरी

सभी शासकीय-सेवानिवृत्त कर्मचारियों सहित अन्य को भी मिलेगा लाभ 10 लाख तक मुफ्त इलाज, 12.5 लाख परिवारों को लाभ मिलेगा ,मंत्रि-परिषद के निर्णय



भोपाल. मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार ने शनिवार को कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना को मंजूरी दी। योजना 1 अप्रैल से लागू होगी और प्रदेश के सभी 12.55 लाख कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारी भी योजना में शामिल रहेंगे। इसके तहत साधारण बीमारी के लिए 5 लाख और गंभीर बीमारी के लिए 10 लाख रु. तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।इस योजना का लाभ प्रदेश के सभी नियमित शासकीय कर्मचारी, सभी संविदा कर्मचारी, शिक्षक संवर्ग, सेवानिवृत्त कर्मचारी, नगर सैनिक, आकस्मिक निधि से वेतन पाने वाले पूर्ण कालिक कर्मचारियों और राज्य की स्वशासी संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को मिलेगा। इसके अलावा निगम/मण्डलों में कार्यरत कर्मचारियों एवं अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के लिए योजना वैकल्पिक होगी। । योजना में बाहय रोगी ओपीडी के रूप में प्रतिवर्ष 10 हजार रूपये तक का नि:शुल्क उपचार अथवा नि:शुल्क दवाओं का वितरण किया जाएगा। सामान्य उपचारों के लिए प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रूपये और गंभीर उपचारों के लिए 10 लाख रूपये तक की नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा प्राप्त होगी। दस लाख से अधिक के उपचार के लिए राज्य स्तरीय मेडिकल बोर्ड द्वारा विशेष अनुमति दी जा सकेगी।इस बीमा योजना के लागू होने से राज्य सरकार पर 756.56 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा
560 नये पद सृजित
मंत्रि-परिषद ने महिला-बाल विकास विभाग द्वारा शत-प्रतिशत सहायित भारत सरकार की योजना वन स्टाप सेन्टर को प्रदेश के 51 जिलों में संचालित एवं निरंतर रखने की मंजूरी दी। इसके लिये 560 नये पद सृजित करने की भी मंजूरी दी गयी।
मंत्रियों का स्वेच्छानुदान अब एक करोड़
मंत्रि-परिषद ने मंत्रियों की वार्षिक स्वेच्छानुदान की राशि 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रूपये करने की मंजूरी दी। इसी प्रकार, राज्य मंत्रियों की वार्षिक स्वेच्छानुदान राशि को 35 लाख से बढ़ाकर 60 लाख किया गया है।