क्या लंका विजय के बाद शिवराज करंगे सिंधिया का राज तिलक

क्या शिवराज सिंह  चौहान सिंधिया को विभीषण की संज्ञा देकर  जनता में यह संदेश भेज दिया कि आने वाले समय में लंका मतलब मप्र  का राज पाठ सिंधिया जी को ग्रहण करवा  सकते है  



कांग्रेस पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्वागत समारोह में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कुछ ऐसा कह दिया जिसकी सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है। कमलनाथ सरकार पर हमला बोलते-बोलते शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया की तुलना विभीषण से कर बैठे।इसी मंच से मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की जमकर तारीफ की। हालांकि इस दौरान उन्होंने कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते-हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया की तुलना विभीषण से कर डाली शिवराज सिंह चौहान ने मंच से कहा कि आज हम ये संकल्प करते हैं कि पाप की, अत्याचार की, अन्याय की भ्रष्टाचार की लंका को जब तक जलाकर राख नहीं कर देते चुप नहीं बैठेंगे। हम चैन की सांस नहीं लेंगे, लेकिन रावण की लंका पूरी तरह जलानी है तो विभीषण की जरूरत होती है मेरे भाई। और अब सिंधिया जी हमारे साथ हैं मिलकर लड़ेंगे इनको धराशायी करेंगे। इसका राजनैतिक मतलब के कई मायने निकले जा रहे है एक तरफ तो यह भी कहा जा रहा है  की  भगवन श्री राम ने लंका पर विजय पाकर  विभीषण को लंका का राज पाठ सौंप कर राज तिलक कर दिया था ठीक उसी तरह  मध्यप्रदेश  में भी  शिवराज, क्या आने वाले समय में अगर बीजेपी को सत्ता मिलती है तो  मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य को मुख्यमंत्री की कुर्शी सौंप कर राज तिलक कर देंगे यह तो आने वाल समय ही बताएगा  


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