वरिष्ठ विधायक बिसाहुलाल के मंत्री बनने से शहडोल संभाग के विकास में जुड़ेगा नया अध्याय


चैतन्य मिश्रा की कलम से:-
पिछले एक हफ्ते से जारी सस्पेंस अब खत्म होने लगा है। पार्टी से बागी तेवर दिखाने वाले कांग्रेस के विधायक अब एक-एक पर घर वापसी कर रहे है। पार्टी के वरिष्ठ विधायक बिसाहूलाल सिंह जो पिछले 6 दिन के बाद  रविवार को भोपाल लौट आए ,सम्भावनाएं है कि  पूर्व की भांति फिर से मंत्रीपद प्राप्त होगा। अगर ऐसा होता है विन्ध्य क्षेत्र की  राजनैतिक नेतृत्व  की क्षमता की शून्यता भी समाप्त होगी    यह पहली बार होगा कि अनूपपुर जिला बनने के बाद मंत्री पद की जिम्मेदारी सम्भालने वाले पहले विधायक बनेंगे। साथ ही इस दायित्व से वे सर्वाधिक मंत्रीपद सम्भालने वाले क्षेत्र के एकलौते नेता भी होंगे। बिसाहूलाल इससे पूर्व आदिम जाति कल्याण विभाग, पशु-डेयरी विभाग, खनिज विभाग, पीडब्ल्यूडी विभाग तथा उर्जा विभाग के मंत्री रह चुके हैं। इनके मंत्रीपद दायित्व के दौरान शहडोल से अलग अनूपपुर जिला बनाने, सडक़, बिजली, सहित शिक्षा के क्षेत्र में अधिक विकास का मौका मिला था। हालंाकि वर्ष २००३ में अनूपपुर जिला बनने के बाद पूर्व विधायक रामलाल रौतेल ने पहली बार जीत हासिल कर अनूपपुर विधायक की जिम्मेदारी सम्भाली थी। जिसमें अबतक रामलाल रौतेल दो बार विधायक बने, वहीं बिसाहूलाल सिंह एक बार विधायक के रूप में अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र का नेतृत्व किया है।पूरे राजनीतिक घटना क्रम के बाद  अगर बिसाहूलाल सिंह को मंत्री पद मिलता है तो यह अनूपपुर जिले के लिए सौभाग्य और विकास के नए अध्याय के रूप में शामिल होगा। मंत्री पद पाने के बाद क्षेत्र में विकास के नए आयाम जुड़ेगे, तथा अबतक जो अनूपपुर को प्रदेश में नम्बर ०१ जिला बनाने की घोषणा हुई थी, उसकी शुरूआत यहां से आरम्भ होगी। बिसाहूलाल सिंह के पूर्व कार्यकाल को देखते हुए लोगों ने फिर  से विकास पुरूष के रूप में चुन अनूपपुर के विकास को प्राथमिकता दी थी । फिलहाल अनूपपुर जिलावासी बिसाहूलाल सिंह के मंत्री बनने तक की आस लगाए बैठे हंै।
  अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ ओर  कद्दावर तथा 5वीं बार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस विधायक बिसाहूलाल सिंह से विधानसभा अनूपपुर सहित जिलावासियों की अपेक्षाएं अधिक बढ़ गई है प्रदेश में कांग्रेस के १५ साल के वनवास के बाद फिर से मंत्री पद की आश लगी है विधानसभा अनुपपुर के लोगों ने  विकास की कई अपेक्षाएं पाल रखी है। जिसके आधार पर की गई विकास से ही क्षेत्र में समृद्धि आ सकती है।जिनमें प्रमुख रूप से  कोल खानों के बावजूद औद्योगिक विकास का अभाव, संसाधन आधारित उद्योग स्थापित किए जाने चाहिए। ताकि लोगों को रोजगार के साथ साथ जिले के जिले में नए विकास के रास्ते खुल सके,उच्च शिक्षण संस्थानों का अभाव, शिक्षकों की पूर्ति व कन्या महाविद्यालय की स्थापना की जाए।. शहर के अंदर सर्वसंसाधनयुक्त नए जिला अस्पताल भवन स्थापित किया जाए, डॉक्टरों की नियुक्ति कर चिकित्सकों की कमी को पूरा किया जाए, सब्जी मंडी के अतिक्रमण को हटाकर आधुनिक मंडी परिसर बनाया जाए, ताकि किसानों, व्यापारियों को परेशानियों से बचाया जा सके,शहर में बाईपास मार्ग के निर्माण , रेलवे ओवरब्रिज की समस्या का निराकरण कर  नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों मं संगठित अद्योसरंचना का विकास होो , ताकि मध्य प्रदेश के साथ साथ संभाग और जिले के  ग्रामीण जन स्तर को उठाया जा सके।


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