विधायक संजय पाठक की 2 खदानें सील/ऑपरेशन लोटस का असर,

विधायक दल बदल मामले में पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता संजय पाठक की भूमिका से नाराज़ कमलनाथ सरकार की बड़ी कार्यवाई। सिहोरा की खदानें सील। आज दिनांक 04-03-2020 सर्वोच्च न्यायालय के अनुपालन में जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील के ग्राम अगरिया खसरा नंबर 1093 और दुबियारा खसरा नंबर 628/1, पर मैसर्स निर्मला मिनरल्स को स्वीकृत आयरन ओर की खदानों को पुनः बन्द करने के आदेश जारी कर दिया गया है। उल्लेखनीय हैं कि वनमंडलाधिकारी जबलपुर के पत्र दिनांक 07-06-2019 अनुसार उक्त भूमियो के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 03-05-2019 को आदेश पारित कर खनन बंद करने निर्देशित किया  था



दो दिन चले सियासी घटना क्रम ऑपरेशन लोटस की विफलता के बाद अब बदले की कार्रवाई शुरू हो गई है। सबसे पहला हमला बीजेपी विधायक संजय पाठक पर हुआ है। मूल रूप से खदान कारोबारी संजय पाठक की कई खदानों को सील कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि मैसर्स निर्मला मिनरल्स के नाम से स्वीकृत खदानों को बंद किया गया है। अब तक कुल 6 खदानें बंद कराने की खबर है। सिहोरा तहसील अगरिया और दुबियारा में संजय पाठक की आयरन की खदानें हैं। संजय पाठक मूल रूप से यह खदान कारोबारी है।बुधवार को जबलपुर कलेक्टर भरत यादव ने कार्रवाई की है। संजय पाठक 'ऑपरेशन लोटस' के मुख्य किरदार माने जा रहे हैं। बताया गया है- उन्हीं के चार्टर्ड प्लेन से कांग्रेस विधायकों को दिल्ली ले जाया गया था। इसलिए इसे भाजपाई कमलनाथ सरकार की बदले की कार्रवाई बता रहे हैं। इन खदानों को जून 2019 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जबलपुर कलेक्टर ने चालू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन छह महीने में अभ्यावेदन के साथ ही सारे कागजात जमा करने की शर्त लगाई थी। जबलपुर के कलेक्टर भरत यादव का कहना है- खदान संचालक निर्धारित समय में कागजात जमा नहीं कर पाए। इसलिए कार्रवाई की गई हैकहा तो यह भी जाता है कि संजय पाठक केवल अपने खदान कारोबार को बचाने के लिए राजनीति करते हैं। शिवराज सिंह शासनकाल में भी संजय पाठक की खदानों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी उसके बाद उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर ली थी।


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