बल्लू और वाजिद के कहने से हो रही थी पशु तस्करी 

पुलिस ने मामला दर्ज कर बल्लू और वाजिद की तलाश जारी



अनूपपुर /कोतमा- बीते दिनों 23/04/2020 एसपी के निर्देश पर  कोतमा एसडीओपी एसएन प्रसाद  व थाना प्रभारी रामनगर बीएन प्रजापति  ने मिलकर  82 नग मवेशी  को जप्त करते हुए  भोला केवट को गिरफ्तार किया था, भोला केवट से पूछताछ करने के बाद  न्यायालय में पेश करते हुए  कार्यवाही की थी, पशु तस्कर भोला केवट ने पूछताछ पर  पुलिस को बताया कि  रहमान उर्फ बल्लू  और वाजिद  के कहने पर  मवेशियों को खरीद कर  कोतमा पहुंचाने का काम  मेरे द्वारा किया जाता है,  गौरतलब है कि  पशु तस्करी के मामले कई वर्षों से  चल रहे हैं  और कोतमा में रह रहे  बल्लू और वाजिद  के नाम ही मुख्य रूप से पशु तस्कर में सामने आते रहे हैं, गौरतलब है कि घटना स्थल पर पुलिस की दबिश की भनक मिलते ही इस पशु तस्करी के कारोबार का सरगना भोला केवट पिता श्यामलाल केवट निवासी ऊरा, जिसके बाड़ा में पशुओ को बर्बर तरीके से बगैर खाने पीने का प्रबन्ध किए कटने हेतु भेजने की सूचना मिली थी, मौके पर 12 नग भैंस एवं 70 नग पड़ा कीमती 4,10,000 रुपए को पुलिस द्वारा जप्त कर लिया गया एवं सुरक्षार्थ देखरेख हेतु सरपंच ग्राम पंचायत ऊरा को सुपुर्द कर दिया तथा आरोपी भोला केवट की को गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में पेश करते हुए मुख्य आरोपी बल्लू और वाजिद के विरुद्ध  6(क)(ख)(1),10,11 मध्यप्रदेश कृषक परिरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा कायम कर विवेचना में लिया गया।पशु तस्करों को रोका तो, पुलिस करने लगती है परेशान - अगर यहां पर आम आदमी पशुओं को पकड़कर पुलिस को सूचना दे तो पुलिस उन तस्करों को छोड़ सूचना देने वाले के विरुद्ध ही जांच खड़ी कर देती है, जिससे अब आम लोग भी पशु तस्करी की सूचना पुलिस को देने से डरते हैं कुछ माह पहले छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे ग्राम पंचायत टाकी के ग्रामीणों ने पशु तस्करों को रोककर  पुलिस को सूचना दी थी मौके पर पहुंची पुलिस ने तस्करों से पूछताछ करने के बजाय ग्रामीणों को ही धमकाते नजर आए जिससे ग्रामीणों ने इसकी शिकायत एसडीओपी के पास दर्ज कराई थी ! तो वही ग्राम पंचायत खोडरी मै 12:00 से 1:00 बजे रात पशु तस्करों को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया था लेकिन यहां भी हुआ उल्टा पशु तस्करों की शिकायत पर मोबाइल व 25 सौ लूट की शिकायत तस्करों की लेते हुए पकड़ने वाले ग्रामीणों के विरुद्ध ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी ! जबकि मौके से ही पशु तस्कर व उनके मोबाइल को पुलिस ने ही जप्त किया था !  ऐसे में कैसे ग्रामीण पुलिस की मदद कर पाएगी !वाजिद और बल्लू मुख्य तस्कर- कोतमा क्षेत्र से होने वाले पशुओं की तस्करी के लिए वाजिद और बल्लू अपनी अहम भूमिका निभाते हैं इनके विरुद्ध पशु तस्करी के कई मामले भी अलग-अलग थानों में दर्ज है वर्ष 2018-19 में कोतमा थाने पर छह मामले दर्ज है, तो भालूमाडा थाने में दो मामले दर्ज है जहां पर अधिकतर मामलों में बल्लू और वाजिद का ही नाम सामने आया है, जो कोतमा के मवेशी बाजार में किराए के मकान पर देखे जा सकते हैं और यहीं से अपना व्यापार बल्लू और वाजिद चलाते हैं कई बार तो इन्हें थाने के पुलिस वालों के साथ भी देखा गया है !



इनका कहना है 
पशु तस्कर भोला केवट को गिरफ्तार किया गया था पूछताछ में पता चला कि यह यह मवेशी बल्लू और वाजिद के कहने पर इकट्ठा किया गया था, बल्लू और वाजिद के विरुद्ध मामले दर्ज करते हुए तलाश की जा रही है !


बी एन प्रजापति 
थाना प्रभारी रामनगर


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