जिला कलेक्टर के समर्पित प्रयासों और सख्त रवैये से अब तक कोरोना फ्री जिला बना अनूपपुर


चैतन्य मिश्रा :-


जिला प्रशासन की एक स्पष्ट रणनीति  और समर्पित प्रयासों के कारण कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से अब तक बचा हुआ है ,यही कारन है की एक संवेदनशील और शख्त प्रशासक के रूप में उनकी छवि निखरकर आम जनता  के सामने आयी  है जो आने वाले समय में अनूपपुर के लिए निश्चित ही सकारात्मक सन्देश है।  


अनूपपुर /आज पूरा विश्व कोरोना वायरस के प्रकोप से ग्रसित है। हमारे देश में हम 21 दिनों के लॉकडाउन से गुजर रहे हैं और हम यह भी समझते हैं कि आज की परिस्थिति में, जहां इसके लिए कोई वैक्सीनेशन नहीं है, जहां इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, वहां इसके संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन ही एकमात्र विकल्प है। पहले एक दिन और बाद में 21 दिन का लॉकडाउन शायद डब्ल्यूएचओ के एक प्लान के तहत किया गया है देश में कोरोनावायरस के मरीजों की संख्या 5 हजार 749 हो गई, प्रदेश में 405 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हो चुकी है, इसमें से 33 की मौत हो गई है। दो दिनों में जिस तरह से मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है, उसे देखकर भोपाल और इंदौर में कम्युनिटी ट्रांसमिशन की आशंका बढ़ गई है। कोरोना के मामलों में मुंबई-दिल्ली के बाद इंदौर तीसरे नंबर पर पहुंच गया है वही अनूपपुर की बात करे जो मध्य प्रदेश को छत्तीसगढ़ राज्य से मिलाता है  छत्तीसगढ़ ,के रायपुर में२० मार्च को एक कोरोना संदिग्ध मिलते अनूपपुर  जिला कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर ने बिना किसी बिलम्ब किये जनता  करफ्यु के तुरंत बाद २२ मार्च से  ३१ मार्च तक जिले में लॉक डाउन घोसित किए , बीच बीच में सख्ती बरतते हुए दो शनिवार पूर्णतः कर्फ्यू लागु किया गया  तदुपरांत मोदी जी की घोषणा के बाद १४ अप्रेल तक पूर्णतः लाक डाउन बढ़ाया गया।  जिले के समस्त सार्वजानिक स्थलों को सनीटाइज़  करने हेतु निर्देश जारी किये  इसी बीच महानगरों से पलायन कर वापस आ रहे मज़दूरों की रुकने उनके खाने और गंतव्य तक पहुंचने की व्यवस्था के साथ जिले में निषेधाज्ञा जारी होने से दिहाड़ी मज़दूरों गरीबो  में उत्पन्न भरण पोषण की समस्याओ  से आम लोगो को   निजात दिलवाना निश्चय ही काबिले तारीफ़ है  है ,इनके कड़े नियंत्रणों, सख्त रवैए और समर्पित प्रयासों के चलते अब तक अनुपपूर कोरोना फ्री जिला है। प्रशासन ने संक्रमण को जिले में नहीं फैलने देने के लिए पूरे जिले की सीमा सील करने जैसे कई कदम उठाए, इसके साथ ही कफ्यू का सख्ती से पालन करवाया गया और संक्रमित रोगियों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने के लिए जिले की जनसंख्या का गहनता से सर्वेक्षण और स्क्रीनिंग की गई। यही कारण है कि अब यहां नए मामले नहीं आ रहे हैं तथा पुराने रोगी भी ठीक हो गए हैं।जिला प्रशासन की एक स्पष्ट रणनीति  और समर्पित प्रयासों के कारण कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से अब तक बचा हुआ है ,यही कारन है की एक संवेदनशील और शख्त प्रशासक के रूप में उनकी छवि निखरकर आम जनत के सामने आयी  है जो आने वाले समय में अनूपपुर के लिए निश्चित ही सकारात्मक सन्देश है।लेकिन जिले की सीमा में स्थित छोटे प्राइवेट कारखाने ओरियंट  पेपर मिल और कास्टिक सोडा यूनिट जिन्हे लॉक डाउन के दौरान एक  जारी आदेश में मिली छूट  जिसके  कारण इन उद्योगों के चालू होने से बाहरी राज्यों से ट्रांसपोर्टिँग और बाहरी आवा गमन से पूरे किये कराये पर  पानी न फिर जाये 


 


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