कोरोना संकट के बीच शिवराज कैबिनेट के गठन की सरगर्मी तेज़ ,कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले बिसाहू लाल सिंह भी बन सकते है मंत्री


कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले तुलसी सिलावट, बिसाहू लाल सिंह, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रभुराम चौधरी, गोविंद सिंह राजपूत के अलावा कांग्रेस छोड़कर आए एंदल सिंह कंसाना और हरदीप सिंह डंग, राजवर्धन सिंह दत्ती गांव और इमरती देवी को मंत्री बनाया जा सकता है


भोपाल: कोरोना संकट में बिना मंत्रियों के चल रही मध्य प्रदेश सरकार में 14 अप्रैल के बाद मंत्रिमंडल का गठन हो सकता है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रिमंडल गठन के संकेत दिए हैं. उन्होंने सोमवार को कहा कि 23 मार्च को शपथ ग्रहण के बाद पार्टी ने प्राथमिकता कोरोना के खिलाफ लड़ाई को दी थी. अब लॉकडाउन का पहला चरण खत्म होने के बाद मंत्रिमंडल गठन पर फैसला लेंगे.पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा  करके मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है।मुख्यमंत्री पर भी अपनी टीम गठन का दबाव बढ़ रहा है, इसलिए भाजपा संगठन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि 15-16 अप्रैल को बहुत सादगी और शारीरिक दूरी सहित कोरोना से बचाव के सभी जरूरी उपायों को अपनाते हुए नए मंत्रिमंडल का गठन हो सकता है।मिली जानकारी के अनुशार  शिवराज सिंह के मंत्रिमंडल में 10 सिंधिया समर्थकों को मंत्री बनाया जा सकता है। 26 नेता मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले तुलसी सिलावट, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रभुराम चौधरी, गोविंद सिंह राजपूत के अलावा कांग्रेस छोड़कर आए एंदल सिंह कंसाना और हरदीप सिंह डंग, राजवर्धन सिंह दत्ती गांव और बिसाहू लाल सिंह को मंत्री बनाया जा सकता है।बाकी अन्य  विधायकों को भी निगम मंडलों में एडजस्ट किया जा सकता है इससे पहले कमल नाथ ने शिवराज पर निशाना साधते हुए खा था की  प्रजातंत्र के नाम पर मात्र एक मुख्यमंत्री है. न स्वास्थ्य मंत्री है, न गृह मंत्री मतलब कैबिनेट ही नहीं है, न ही लोकल बॉडी है, सब नदारद हैं. आज इस लड़ाई की सबसे बड़ी जिम्मेदारी हेल्थ डिपार्टमेंट की है और प्रदेश के हेल्थ डिपार्टमेंट की प्रिंसिपल सेकेट्री सहित 45 से अधिक अधिकारी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं.