तब्लीगी मरकज के लापरवाही का परिणाम भुगतेगी आम जनता


चैतन्य मिश्रा :-


तब्लीगी जमात के मरकज यानी इस्लामिक धार्मिक आयोजन केंद्र में कोरोना वायरस संक्रमण का सबसे बड़ा मामला सामने आने के बाद देश की राजधानी सहित पूरे देश में हड़कंप मचा गया  है,आयोजकों ने  कई लोगों की जान खतरे में डाल दी है.ऐसे लोगों और संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, जो सरकार के निर्देशों का पालन नहीं करते.


कोरोना से संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इससे संक्रमित लोगों की संख्या दुनिया में बढ़कर 858,892 हो गई है। दुनिया में कोरोना वायरस ने 42,158 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है। वही भारत  में अब तक कोरोना पीड़ितों का आंकड़ा 1600 को पार कर गया है और मरने वालों की संख्या भी 52 पहुंच गई है,अगर अपने राज्य  की बात करे तो मध्यप्रदेश में 20 नए केस मिले जिसमे  संक्रमित  की संख्या 86  और मरने वालो की संख्या 7 हो गई  है , देश में अब तक नियंत्रण में दिख रही कोरोना वायरस की स्थिति अब बिगड़ने लगी है। क्युकी पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा  कोरोना से निपटने के लिए पूरे देश में 21 दिन तक लॉकडाउन सोशल डिस्टेंसिंग  की घोषणा की थी। बवजूद  इसके कई जगह उल्लंघन की तस्वीरें सामने आ रही है पिछले दिनों दिल्ली के निजामुद्दीन में आयोजित तब्लीगी मरकज में शामिल छह लोगों की  तेलंगना  में कोरोना संक्रमण से मौत अत्यन्त ही दुर्भाग्यपूर्ण है। यह इस बात का भी प्रमाण है कि लोग कोरोना महामारी को गम्भीरता से नहीं ले रहे हैं और ऐसे आयोजन कर इस महामारी को बढ़ावा देने में योगदान कर रहे हैं।एक तरफ देशभर में कोरोना संक्रमण से बचने के लिए शासन प्रशासन लगातार दिन रात एक किये हुए है ,खतरे के बीच डॉक्टर नर्स,  मेडिकल स्टाफ, पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना पीिड़तों का लगातार उपचार कर समझाइस दे रहे है और गरीबो की मदद कर रहे हैं,ताकि इस  महामारी का कम से कम फैलाव हो सके, लोग इस बीमारी के संक्रमण से बचे रहे। पूरा भारत कोरोना से बचने के लिए लॉक डाउन हो गया और  होली और नवरात्री का त्यौहार  लॉक डाउन  के साये में ही बीत गया ,लेकिन दूसरी तरफ मरकज में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए , जिनमें मलेशिया , इण्डोनेशिया, सऊदी अरब और किर्गिस्तान से भी प्रतिनिधि आये ,इनकी संख्या लगभग दो हजार से भी अधिक थी  । इनमें २४ लोग कोरोना पाजिटिव से संक्रमित थे।  1  से 15  मार्च तक तब्लीगी मरकज में दो हजार से भी अधिक लोग यहां रुके हुए थे। क्या आयोजकों को नहीं पता था की बीमारी किसी धर्म विशेष को टारगेट नहीं करती या फिर यह एक बिदेशी साजिश है, जो लोगो को संक्रमित  कर अलग अलग राज्यों में छोड़ दिए जिससे पूरा देश संक्रमित हो जाय । इस्लाम धर्म के प्रचार-प्रसारके सम्बन्ध में इसका आयोजन ऐसे समय किया गया जब कोरोना का कहर जारी है।  इनमें से अनेक कोरोना पीड़ित इण्डोनेशिया, मलयेशिया और जापान भी गये थे। इसमें शामिल १६ सौ लोगों को क्वारंटाइन किया गया है। मरकज में मध्य प्रदेश के 107 लोग शामिल हुए थे, 50 जमातें 5 दिन तक भोपाल में रुकीं, सैकड़ों लोगों से मिलीं,प्रशासन ऐसे  लोगों की तलाश भी कर रहा है ,जो मरकज में शामिल हुए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम जिला प्रशासन और पुलिस की मदद से ऐसे लोगों की तलाश कर उनके सैंपल ले रही है। जिनमे कुछ  लोगों की पहचान कर सैंपल लिए गए। शहडोल जिले से भी  पांच लोग थे जिनमें से 3 लोगों को ढूंढ निकाला गया जिसमें बुढ़ार हॉस्पिटल में और दो शहडोल हॉस्पिटल में रखा गया है।आयोजनकर्ताओं ने सरकार के दिशा-निर्देशों और पाबन्दियों का खुला उल्लंघन कर अक्षम्य आपराधिक कृत्य किया है। दिल्ली सरकार महामारी अधिनियम 1897 और आईपीसी की दूसरी धाराओं के तहत मौलाना साद समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही  कर रही है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह  है कि  सरकार ने पहले क्यों नहीं कदम उठाया। तबलीगी जमात का जलसा 13 से 15 मार्च के बीच हुआ। इसमें शामिल होने के लिए आए लोग या तो इन तारीखों में या इन तारीखों से पहले आए। इस जलसे की जानकारी स्थानीय प्रशासन और पुलिस को थी, इसमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या भी पता थी।फिर इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई ,मरकज़ से चंद कदम की दूरी पर मौजूद दिल्ली पुलिस के थाने को क्या कोई भनक नहीं थी कि इतनी बड़ी तादाद में लोग जमा हैं?जो दिल्ली पुलिस को भी कटघरे में खड़ा कर रही है , जब लाकडाउन कर दिया गया तो उसी समय सभी लोगों को वहां से निकाला जाना चाहिए था। लाकडाउन के दौरान ऐसा आयोजन होना ही नहीं चाहिए था। इस प्रकरण में आयोजन के प्रबन्धकों के साथ ही दिल्ली और केंद्र सरकार की पुलिस  भी कटघरे में है। सभी जिम्मेदार लोगोंके खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। देश में जब तक कोरोना का प्रकोप है तब तक ऐसे आयोजन नहीं होने पाये, इसके लिए सरकार के साथ साथ सभी नागरिको विशेष समुदायों को  भी विशेष सतर्कता और चौकसी बरतने की जरूरत है।शुक्र है, कि अभी भारत में ये वायरस सिर्फ रिच ओर अल्ट्रा रिच क्लास में है खुदा न खस्ता ये लोवर क्लास ओर मिडल क्लास में घुस गया तो मंज़र भयावह होगा।


 


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