गंदी राजनीति का शिकार हुआ गरीबों का मसीहा, शिवसेना को रास नहीं आ रही है सोनू सूद की दरियादिली

रघु मालवीय :-


बड़बोले संजय राऊत ने की कर्मवीर सोनू सूद की आलोचना..


भोपाल। कोरोना महामारी के बीच प्रवासी मजदूरों की दिल खोलकर मदद करने वाले फिल्म अभिनेता सोनू सूद के सेवाभावी कार्यो की जहां पूरे देश में प्रशंसा हो रही है,वहीं शिवसेना को सोनू सूद की यह दरियादिली रास नहीं आ रही है और शिवसेना के बड़बोले प्रवक्ता संजय राऊत सोनू सूद की आलोचना करने पर उतर आये हैं।जब मुम्बई की सड़कों पर प्रवासी मजदूर बदहवास होकर अपने गांव जाने के लिए सरकार के सामने मदद के लिए गुहार लगा रहे थे,तो उनकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। ऐसे संकट के समय में इन गरीबों की मदद करने के लिए फिल्म अभिनेता सोनू सूद मसीहा बनकर आगे आये और हजारों मजदूरों को अपने खर्चे पर उन्हें उनके घर तक पहुंचाया। अपनी जान की परवाह किये बिना यह अभिनेता मुंह पर मास्क लगाकर मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए खुद सड़क पर आये। गरीब मजदूरों को बस में बैठाने के साथ ही उन्हें भोजन के पैकेट और पानी की बोतलें भी देते है। इतना ही नहीं इस महानायक ने कई मजदूरों को ट्रेन और फ्लाइट से भी उनके घर तक पहुंचाया। पर देश की गंदी राजनीति के सियासतदार इस नायक के महान कार्यो पर उंगली उठाने से बाज नहीं आये। शिवसेना के सुर में सुर मिलाते हुए कांग्रेस भी सोनू सूद के विरोध में उतर आई है। संजय राऊत ने सामना समाचार पत्र में सोनू सूद को भाजपा के इसारे पर काम करने तक का घटिया आरोप भी लगाया है। देश के सियासतदानों कहीं तो अपना मुंह बन्द कर लिया करो। कोई व्यक्ति तन,मन और धन से देश के गरीबों की मदद कर रहा है तो तुम्हें क्यों तकलीफ हो रही है? 


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