बिसाहूलाल और रामलाल के बीच सुलह से भाजपा की जीत सुनिश्चित. आधी रात तीन घंटे की बैठक ने खोली विकास की राह .

विपक्ष को दिया कड़ा संदेश --- भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं .



अनूपपुर / मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सीधे दखल के बाद अनूपपुर विधानसभा के एक गुप्त स्थान पर भाजपा के दो दिग्गज नेताओं की घंटों चली गुपचुप बैठक के बाद नया मजबूत राजनैतिक समीकरण उभर कर सामने आया है। प्रदेश के कद्दावर नेता ,म प्र सरकार के मंत्री बिसाहूलाल सिंह तथा अनूपपुर के पूर्व विधायक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष रामलाल रौतेल के बीच हुई बैठक इतनी गोपनीय थी कि इसकी भनक तक किसी को नहीं लगी। इस बैठक मे कौन - कौन शामिल था ,यह तो पता नहीं चला लेकिन विश्वस्त सूत्र दोनों नेताओं के साथ मंत्री पुत्र तेजभान सिंह के लगातार साथ रहने की पुष्टि कर रहे हैं।


     बतलाया गया है कि बैठक अत्यंत सार्थक, सारगर्भित रही। श्री सिंह के भाजपा ज्वाईन करने से लेकर मंत्री बन कर आने तथा चुनाव आचार संहिता लगने के पूर्व सभी शासकीय - अशासकीय आयोजनों के परिणामों पर खुलकर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने यह माना कि प्रचण्ड विजय के लिये दोनों का साथ मे क्षेत्र भ्रमण आवश्यक है। इस पर दोनो सहमत दिखे की कुछ विघ्न संतोषी नेताओं को चुनाव तक बर्दाश्त करना उचित होगा। यद्यपि किसी ने पुष्टि नहीं की है लेकिन जिले में कयास लगाए जा रहे हैं कि निज हितों के चलते पार्टी के कुछ नेता दोनों नेताओं के बीच भ्रम, झूठ, अफवाहों का आवरण तैयार कर रहे हैं। वे नहीं चाहते कि चुनाव की कमान बिसाहूलाल -- रामलाल के हाथों में रहे। जिसका परिणाम आपसी खींचतान से खराब होती पार्टी की छवि तथा सेक्टर सम्मेलनों में कांग्रेस की सभाओं से कम भीड़ के रुप में देखा गया है। मंत्री श्री सिंह तथा रौतेल के एक साथ ना निकलने से खराब छवि के भ्रष्ट ,चरित्रहीन तत्वों को मंच पर कब्जा करने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। जिससे मतदाताओं में प्रतिकूल संदेश जाता दिख रहा है।


जन चर्चा है कि अनूपपुर विधानसभा उप चुनाव से ठीक पूर्व कांग्रेस से भाजपा में आकर कैबिनेट मंत्री बने बिसाहूलाल सिंह तथा पूर्व विधायक रामलाल रौतेल के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने एकजुटता का जो बीज भोपाल की नितांत आंतरिक बैठक में बोया था, उसे पार्टी के ही चंद कुटिल तत्व अपने हित लाभ के लिये पनपने नहीं दे रहे थे। उप चुनाव मे जीत की सबसे मजबूत एकमात्र कड़ी कार्यकर्ताओं की एकजुटता ,उनकी मजबूती तथा बिसाहू -- रामलाल का कुशल संयुक्त नेतृत्व हो सकता है। इससे इतर कुछ लोगों द्वारा मंत्री के इर्द गिर्द घेरा बनाने, रौतेल को उपेक्षित करने तथा बिसाहूलाल से दूरी बनाए रखने का निरन्तर षडयंत्र करने के कारण भाजपा के मूल कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। 


सूत्र बतलाते हैं कि दोनों शीर्ष नेताओं की बैठक में इस पर भी बड़ी चर्चा हुई तथा यह तय किया गया कि दोनों को विधानसभा क्षेत्र में संयुक्त प्रवास करके कार्यकर्ताओं में उत्साह भरना होगा। बैठक की पुष्टि यद्यपि दोनों नेताओं ने नहीं की है लेकिन उनसे जुड़े नजदीकी सूत्रों ने इसका खंडन भी नहीं किया है। 


कहा तो यहाँ तक जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दखल के बाद दोनो नेताओं की आधी रात से थोडा पहले शुरु हुई यह बैठक लगभग तीन घंटे चली। उन्होंने विपक्ष तथा कुटिल स्वार्थी तत्वों को स्पष्ट संदेश दिया है कि भाजपा कार्यकर्ताओं की उपेक्षा एवं किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 


   जानकारों का मानना है कि यदि इस बैठक के बाद बिसाहूलाल सिंह तथा रामलाल रौतेल की संयुक्त जोडी विधानसभा क्षेत्र का भ्रमण करके सिर्फ अपने कार्यकर्ताओं का मन सही कर लेती है तो कांग्रेस की दिक्कतें और भी अधिक बढ जाएंगी ।


 कांग्रेस ने विश्वनाथ सिंह को अपना चेहरा बनाया है। जबकि डिप्टी कलेक्टर पद से स्तीफा दे कर आए रमेश सिंह कांग्रेस समर्थकों में टिकट बदलने का भ्रम फैला कर उसे बैकफुट में डाल चुके हैं। दूसरी ओर भाजपा ने बिसाहूलाल सिंह को प्रत्याशी बनाने का मन बना लिया है। कद्दावर मंत्री के रुप में तथा 1980 से लगातार चुनाव लडने का व्यापक अनुभव समेटे बिसाहूलाल सिंह के सामने विश्वनाथ या रमेश कोई चुनौती नहीं है। बिसाहूलाल सिंह के लिये सबसे बडी चुनौती भाजपा के कुछ बदनाम ,खराब छवि के नेताओं का लगातार चलने वाला षडयंत्र है। इनकी खराब छवि अनूपपुर में भाजपा की पराजय का कारण बनती रही है। इन्हे रोकने का एकमात्र उपयुक्त तरीका बिसाहूलाल - रामलाल का साथ आकर कार्य करना ही है। बहरहाल दो दिग्गजों की संयुक्त बैठक तथा दोनों के हाथ मिला लेने की खबर से विपक्ष तथा विघ्न संतोषियों में हडकंप मचा हुआ है।


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