निर्वाचन आयोग ने बिसाहूलाल सिंह के पक्ष में दिया फैसला रखैल एवं रास्ते में लाना शब्द नहीं है गलत


अनूपपुर/ भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह के द्वारा हाल ही में दिए गए बयान को लेकर जहां कांग्रेश उछल कूद मचा रही थी वही पूरे बयान को निर्वाचन आयोग संज्ञान में लेते हुए जो निर्णय दिया है उससे कांग्रेश अब बैकफुट पर दिखाई देने लगी है कांग्रेस प्रत्याशी की दूसरी पत्नी को रखैल शब्द और कांग्रेस जिला अध्यक्ष को देख लेने की भाषा के उपयोग किए जाने की बात को लेकर निर्वाचन आयोग में जो शिकायत दर्ज कराई थी उस शिकायत को निर्वाचन आयोग ने खारिज कर दिया है और फैसला भाजपा प्रत्याशी बिसाहूलाल के पक्ष में दिया है इससे स्पष्ट होता है कि बिसाहूलाल सिंह ने जो बयान दिया था उसमें कहीं कोई गलत बात नहीं थी भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राजेश सिंह से प्राप्त जानकारी अनुसार कांग्रेस प्रत्याशी विश्वनाथ सिंह  द्वारा चुनाव संबंधी दी गई जानकारी के विषय में भाजपा प्रत्याशी बिसाहूलाल सिंह द्वारा अपने बयान में दूसरी पत्नी का ब्यावरा देने के कारण रखैल शब्द का इस्तेमाल किया गया एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष जयप्रकाश के लिए रास्ते में लाने जैसी संबंधित शब्दों का यूज किया गया था जिस के संबंध में निर्वाचन आयोग ने गलत शब्द नहीं होना बताया है निर्वाचन आयोग ने अपने जारी आदेश में बताया है कि कांग्रेस प्रत्याशी श्री विश्वनाथ सिंह द्वारा विधानसभा निर्वाचन के संबंध में भरे गए निर्वाचन फार्म के बारे में संपत्ति तथा अन्य तथ्यों के बारे में ब्यौरा दिए जाने का था, यह विधि का वह सर्वमान्य सिद्धांत है की पहली अथवा एक पत्नी जीवित रहते हुए कोई भी व्यक्ति दूसरी विवाह नहीं कर सकता है और यदि करता भी है तो अथवा अपने साथ रखता है तो वह अवैध है तथा ऐसी दूसरी महिला को कानून की भाषा में रखैल शब्द से संबोधित किया गया है इस संबंध में दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 125 की उप धारा 3 का स्पष्टीकरण अवलोकन है!दूसरे बयान पर निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रार्थी वरिष्ठ व्यक्ति है इस तरह वृद्ध होने के कारण बोलने में कभी शब्दों में अस्पष्टता मालूम पड़ती है जयप्रकाश अग्रवाल के बारे में जो शब्द दुर्दशा होना बताया जा रहा है उसका उपयोग प्रार्थी द्वारा नहीं दिया गया था बल्कि वास्तविक शब्द उस सुधार का  जयप्रकाश अग्रवाल के बारे में कहे गए पूरे शब्द को यदि पूर्णतया एक साथ पढ़ा जाएगा तो उससे यह स्पष्ट है कि उसे सुधारने और रास्ते में लाने की बात कही गई प्रकट होती है कोई भी व्यक्ति अपने करीबी दोस्त शुभचिंतक के बारे में ही ऐसा कह सकता है! जयप्रकाश अग्रवाल के बारे में प्रार्थी ना कोई दुर्भावना रखता है और ना ही उसके बारे में कोई आपत्तिजनक बात कही गई है!इस तरह से निर्वाचन आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है की कांग्रेस प्रत्याशी एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल के विरुद्ध भाजपा प्रत्याशी बिसाहूलाल सिंह के द्वारा अपने बयान में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक शब्द किसी को नहीं कहे हैं और प्रस्तुत किए गए प्रत्युत्तर मान्य है संबंधित कांग्रेस प्रत्याशी एवं जिला अध्यक्ष द्वारा निर्वाचन आयोग में की गई शिकायत निराधार एवं गलत साबित हुई है


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