उप चुनाव में कशम्कश के वावजूद भाजपा की सरकार बने रहना लगभग तय

चैतन्य मिश्रा :-



अनूपपुर/ मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों के लिए 3 नवंबर को पड़े वोटों के नतीजे 10 नवंबर यानी कुछ घण्टों बाद नतीजे सबके सामने होंगे।मप्र में 230 सीटें हैं, हाल ही में एक और कांग्रेसी विधायक के इस्तीफे के बाद संख्या 229 रह गई। वर्तमान सदन में भाजपा के 107 विधायक हैं जबकि भाजपा को बहुमत के आंकड़े के लिए 115 सीटों की आवश्यक्ता है यानी बीजेपी को महज 8 सीटें और चाहिये।वहीं इस साल मार्च में 25 कांग्रेसी विधायकों के इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस विधायकों की संख्या कुल 87 रह गयी है। जबकि सदन में 4 निर्दलीय, 2 बसपा और 1 सपा विधायक हैं। एक तरफ  बीजेपी का दावा है कि मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार है जो की यथावत रहने वाली है वही दूसरी तरफाकांग्रेस 28   में से 28  सीट में  जीत दर्ज़ करने का दावा कर रही है, जिन 28 सीटों पर उपचुनाव हुए है उनमें 27 पर 2018 में कांग्रेस का कब्ज़ा था ,इसके बिपरीत एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी की जीतका दावा किया जा रहा है,इसके अनुसार भाजपा को 46 फीसदी तो वही कांग्रेस को 43 फीसदी वोट मिलने के साथ भाजपा के खाते में 16 से 18 सीटें और कांग्रेस 10 से 12 सीटें मिलने  का अनुमान लगाया  जा रहा है। आने वाले नतीजे मध्यप्रदेश के बड़े नेताओं की साख पर भी फैसला करने  वाले है, जिससे मप्र के राजनीती की दिशा और दशा दोनों तय होने वाली है। वही मप्र के सत्ता बदलाव का केंद्र कहे जाने वाले विंध्य की हाईप्रोफाईल ट्राइबल सीट अनूपपुर में भी कोरोना काल के बावजूद यहाँ की जनता  ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाते हुए बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लेकर अपने कर्तव्य का पालन किया अनूपपुर विधानसभा के 1 लाख 70 हजार 392 मतदाताओं में से 1 लाख 24 हजार 871 मतदाताओं ने मतदान कर अपने विधानसभा क्षेत्र का विधायक का चुनाव ईवीएम में कैद कर दिया।जिसमें पुरुष मतदाता 66,070 एवं महिला मतदाता 58,801 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया ।इस उपचुनाव में वोटों का 73.28 रहा। प्रतिशत काफी अच्छा रहा एग्जिट पोल के नतीजे भी बीजेपी के पक्छ में बताये जा रहे है,नतीजों के अनुसार, प्रदेश में भाजपा की सरकार बरकरार रहने वाली है  


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