विकास बनाम बिकाऊ हुआ अनूपपुर का चुनावी मुद्दा


चैतन्य मिश्रा :-


मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीट हैं। इनमें से 28 पर उपचुनाव हो रहे हैं। प्रदेश के इतिहास में पहली बार इतनी ज्यादा विधानसभा सीटों पर एक साथ उपचुनाव हो रहे हैं,इस वक्त भाजपा के पास 107 और कांग्रेस के 87 विधायक हैं। उपचुनाव के बाद सदन में विधायकों की संख्या वर्तमान 202 से बढ़कर 229 हो जाएगी। इसलिए भाजपा को बहुमत के 115 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए इस उपचुनाव में मात्र आठ सीटों को जीतने की जरूरत है, जबकि कांग्रेस को पूरी 28 सीटें जीतनी होंगी।


अनूपपुर /मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में वोटिंग को कुछ ही दिन बचे है,जिसके लिए आज रविवार शाम को चुनाव प्रचार थम गया।कांग्रेस बीजेपी दोनों ने एड़ी-चोटी का दम लगा दिया है. दोनों पार्टी अपने-अपने तरीके से वोटरों को साधने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है,3 नवंबर को अनूपपुर सहित  सभी 28 सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान होगा.जो की  राज्य में सत्तारुढ़ भाजपा और सत्ता से बेदखल कांग्रेस  के लिए बेहद अहम माना जा रहा है ,चुनाव प्रचार के अंतिम दिन प्रदेश की सत्तारूढ़ भाजपा, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस एवं बसपा के आला नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टी के लिए वोट मांगने के लिए आज और उग्र चुनाव प्रचार किया। अनूपपुर उपचुनाव में स्थानीय मुद्दों के साथ ही पार्टी बदल कर चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के  विधायकों का मामला भी एक मुद्दा है.जहा एक तरफ लगातार बीजेपी प्रत्याशी दवारा विकास के मुद्दों को लेकर चुनाव प्रचार किया जा रहा है वही कांग्रेस प्रत्याशी इस चुनाव प्रचार में अपने वचन पत्र के साथ  ‘टिकाऊ-बिकाऊ ’को मुख्य मुद्दा बनाया है,इसके अलावा अन्य पार्टिया जनहित के मुद्दे को लेकर अपना प्रचार प्रसार कर रही है ,लेकिन मुख्य मुकावला कांग्रेस और बीजेपी के मध्य ही माना जा रहा है ,बीजेपी प्रत्याशी बिसाहूलाल जी का कहना है की वह  पूर्व में आदिम जाति कल्याण विभाग, पशु-डेयरी विभाग, खनिज विभाग, पीडब्ल्यूडी विभाग तथा उर्जा विभाग एवं खाद्य विभाग के मंत्री रह चुके हैं जिन्हे शाशन प्रशासन का अच्छा खासा अनुभव है!मंत्री पद दायित्व के दौरान शहडोल से अलग अनूपपुर जिला बनाने, सडक़, बिजली, सहित शिक्षा के क्षेत्र में अधिक विकास का मौका मिला था ,अनूपपुर की जनता सीधे तौर पर विधायक को नहीं बल्कि अपना मंत्री चुनेगी जिससे प्रदेश के साथ साथ अनूपपुर जिला  भी सौभाग्य और विकास के नए अध्याय के रूप में शामिल होगा। मैंने हमेशा से ही विकास को प्राथमिकता दी है ,मेरे प्रमुख मुद्दों  में  कोल खानों के बावजूद औद्योगिक विकास का अभाव है जहां संसाधन आधारित उद्योग स्थापित करना,ताकि लोगों को रोजगार के साथ साथ जिले के जिले में नए विकास के रास्ते खुल सके,उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना , शिक्षकों की पूर्ति व कन्या महाविद्यालय की स्थापना शहर के अंदर सर्वसंसाधनयुक्त नए जिला अस्पताल भवन की स्थापना , डॉक्टरों की नियुक्ति कर चिकित्सकों की कमी को पूरा करना ,किसानो को सिचाई से संसाधन उपलब्ध करना , सब्जी मंडी के अतिक्रमण को हटाकर आधुनिक मंडी परिसर बनाना , ताकि किसानों, व्यापारियों को परेशानियों से बचाया जा सके,शहर में बाईपास मार्ग के निर्माण , रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों मं संगठित अद्योसरंचना का विकास हो , बड़ी पंचायतो को नगर पंचायत बनाना पावर हॉउस की स्थापना करना   ताकि मध्य प्रदेश के साथ साथ संभाग और जिले के  ग्रामीण जन स्तर को उठाया जा सके,वही दूसरी तरफ कांग्रेस प्रत्याशी विश्वनाथ सिंह अनुभव के नाम पर जिला पंचायत सदस्य के अलावा खम्हरिया ग्रामपंचायत के सरपंच रह चुके है लेकिन उनके के पास विकास के नाम पर बताने के लिए कुछ नहीं है,पूरी चुनावी सभा में सिर्फ 35  करोड़ रूपये ,बिकाऊ नहीं, टिकाऊ चाहिए  का नारा के साथ कमलनाथ के 15 महीने के कार्यकाल लेकर जनता के बीच अपना प्रचार कर रहे है ,अब देखना यह है की आने वाले समय में अनूपपुर की जनता किसे अपना जनप्रतिनिधि चुनती है 


 


 


 


 


 


 


 


 


 


 


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