कोतमा पुलिस द्वारा की गई गांजा की कार्यवाही में तीन आरोपियों को छोड़े जाने की चर्चा गर्म

भालूमाड़ा पुलिस की कार्यवाही को अपना बताकर लूटा श्रेय

कोतमा थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध, आखिर क्यो छोड़ा गया आरोपियों को 



अनूपपुर। कोतमा पुलिस द्वारा 9 जनवरी को निगवानी रोड शिव मंदिर के पास चार पहिया वाहन में गांजा का परिवहन करने पर दो आरोपियों को 3 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार कर जमकर वाहवाही बटोरी थी, लेकिन असल में पूरा मामले में कोतमा पुलिस ने देश भक्ती जनसेवा के नारे को बदनाम करते हुए पकड़े गए पांच आरोपियों में तीन आरोपियों को छोड़ कर सिर्फ दो आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की गई है। जिस पर कोतमा पुलिस ने इस कार्यवाही पर प्रश्र चिन्ह खड़ा हो गया है और भालूमाड़ा पुलिस की इस कार्यवाही को अपने नाम लेने का श्रेय लिया गया है।दर असल पूरा मामला 9 जनवरी का है, जहां मुखबिर की सूचना पर भालूमाड़ा पुलिस ने लतार गांव में वाहन क्रमांक सीजी 13 सी 0077 को रोककर जांच करते हुए 3 किलो गांजा सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हे कार्यवाही के लिए भालूमाड़ा थाना में लाया गया। लेकिन इस बीच कोतमा थाना प्रभारी राकेश वैश्य ने  पूरे मामले का श्रेय अपने नाम लेने के चक्कर में वाहन सहित पांचो आरोपियों को कोतमा थाना ले गए। लेकिन भालूमाड़ा थाना से कोतमा थाना पहुंचने के पहले ही पांच आरोपियों में तीन आरोपी जिनमें रिजवान, पप्पू एवं राजेश सिंह को छोड़ दिया गया और जमुना प्रसाद पिता मोहन केवट उम्र 25 वर्ष निवासी चोलना टिकरीटोला थाना जैतहरी एवं एवं चालक दूजेश पिता टीकेश्वर रजवार उम्र 34 निवासी बरडोढ़ी अंबिकापुर छ.ग. को गिरफ्तार कर कार्यवाही की गई।लेकिन कोतमा पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के बाद लतार गांव में जैसे ही लोगो को पता चला तो उन्होने इस बात का खुलासा कर दिया, जिसके बाद भालूमाड़ा थाना प्रभारी रामनाथ आर्मो से बात की गई तो उन्होने इस पूरे मामले की जानकारी दी गई कि उक्त मामले के समय मै अनूपपुर में था, जहां मुझे मेरे स्टॉफ द्वारा सूचना दी गई कि ग्राम चोलना की ओर से आ रहे वाहन क्रमांक सीजी 13 सी 0077 में रखे 3 किलो गांजा के साथ पांच आरोपियों को पकड़कर भालूमाड़ा थाना लाया गया है, लेकिन मेरे भालूमाड़ा थाना पहुंचने से पहले ही कोतमा थाना प्रभारी राकेश वैश्य द्वारा वाहन, गांजा सहित पांच आरोपियों को कोतमा थाना ले जा चुके थे।लेकिन इस पूरे कारनामे में कोतमा थाना प्रभारी पर कई सवाल खड़े हो गए है, जहां उन्होने इस पूरी कार्यवाही में तीन आरोपियों को छोड़े जाने तथा पूरे मामले का श्रेय लूटने के लिए भालूमाड़ा पुलिस की पूरी कार्यवाही के श्रेय को अपने नाम लूटने की पूरी योजना पहले ही बना रखी थी। जहां इस तरफ की कार्यवाही पर कोतमा सहित भालूमाड़ा थाना क्षेत्र के लोगो में पुलिस इस कारनाम चर्चाओं में छाया रहा है, जिससे एक पुलिस की गलती के कारण पूरे जिले की पुलिस बदनाम हो गई है।

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