तो कोतमा स्टेट बैंक में, बैंक दलालों का सीसीटीवी खुलेगा राज

 बिना दलाल नहीं होता काम, आम आदमी परेशान

 जिले के कोतमा स्थित भारतीय स्टेट बैंक में बैंक दलालों का बोलबाला है अगर इस बैंक में किसी भी तरह से कोई काम करवाना है तो दलालों के माध्यम से ही संभव हो पाएगा लोन जैसी प्रक्रिया के लिए तो बिना दलाल के लोन पास हो ही नहीं सकते अगर प्रशासन इन दलालों पर कार्यवाही करना चाहती है तो भारतीय स्टेट बैंक के सीसीटीवी कैमरे चेक करें तो खुद ब खुद सारे मामले समझ में आ जाएंगे और यह बैंक दलाल बैंक पर बैठे नजर आएंगे आखिर यह बैंक दलाल बैंक में रोजाना करते क्या रहते हैं !

अनूपपुर- सरकार के द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं को भारतीय स्टेट बैंक पलीता लगाते नजर आ रही है क्योंकि यहां पर स्टेट बैंक मे सीधे हितग्राहियों को लाभ नहीं मिल पाता जब तक हितग्राही बैंक दलालों का सहारा ना लें और यह बैंक दलाल अपना कमीशन फिक्स कर ही शासन की योजनाओं का लाभ इन हितग्राहियों को उपलब्ध कराते हैं ! अगर स्टेट बैंक के कर्मचारी चाहे तो इन बैंक दलालों की जरूरत हितग्राहियों को ना पड़े बताया तो यहां तक जाता है कि अगर हितग्राही बैंक दलालों के माध्यम से गया है तो जल्द ही काम हो जाता है अगर हितग्राही स्वयं जाकर काम कर आना चाहे तो उसका काम ही एक टेबल से दूसरे टेबल तक दौड़ते रहता है, आखिर में ऐसे मैं कैसे शासन की योजनाओं का लाभ आम लोगों को मिल पाएगा !

दिन भर जमाए रहते हैं बैंक दलाल डेरा- सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक कोतमा में बैंक दलाल जैसे ही बैंक खुलता है और जब तक बैंक नहीं बंद हो जाता तब तक अपना डेरा बैंक पर ही जमाए रहते हैं कहीं इस टेबल पर तो कहीं उस टेबल पर या बैंक दलाल फाइल लेकर घूमते नजर आ जाएंगे सूत्र बताते हैं कि अगर बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे की पड़ताल की जाए तो सारी सच्चाई सामने आ जाएगी और रोजाना या बैंक दलालों का क्या काम होता है बैंक में इसका भी जवाब बैंक प्रबंधन को देना पड़ेगा !

शासन की योजनाओं का पलीता- राज्य व केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे कई योजनाएं जो सीधे बैंक से संचालित होती हैं सरकार की मंशा है कि इन योजनाओं को सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए लेकिन बीच में दलाल और बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से सीधे हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाता बताया तो यहां तक जाता है कि बैंक दलाल अपना कमीशन फिक्स रखते हैं तभी हितग्राहियों का काम होता है नहीं तो हितग्राही घूमते रह जाएगा उसका काम नहीं हो पाएगा लोन के लिए हो चाहे कोई अन्य काम बिना दलाल के संभव ही नहीं है भारतीय स्टेट बैंक कोतमा में ,हालांकि हितग्राहियों में असंतोष है कई बार अपनी शिकायतें भी दर्ज कराएं लेकिन नतीजा कुछ ना निकला, सूत्रों की माने तो फाइल हितग्राहियों की धूल खाती नजर आती हैं जो दलालों के संपर्क में होता है उनका काम सीधे हो जाता है प्रशासन को चाहिए कि बैंक के सीसीटीवी कैमरा चेक करें और बैंक दलालों पर सख्त से सख्त कार्यवाही करें जिससे शासन की योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों को मिल सके !