सीएम हेल्पलाइन बनी मजाक 17 दिन बाद भी अतिक्रमण नहीं हटा पाई नपा.शिकायत एल 3 अधिकारी तक पहुंची

 


अनूपपुर / सीएम हेल्पलाइन 181 जन हेतु-जन सेतु जिला मुख्यालय अनूपपुर में मजाक बनकर रह गई है। 23 नवंबर 2021 को की गई शिकायत एल 1,एल 2, एल 3 अधिकारी के पास पहुंच चुकी है।17 दिन में अतिक्रमण को लेकर की गई शिकायत का समाधान आज तक नहीं निकल पाया।नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत अतिक्रमण की बाढ़ सी आ गई है।जिस तरफ भी देखा जाए अतिक्रमण ही अतिक्रमण नजर आता है नित्य नए अतिक्रमण शासन प्रशासन की लापरवाही से खड़े होते जा रहे हैं।सीएम हेल्पलाइन में शिकायत क्रमांक 15919256 एवं 15919257 में जब अतिक्रमण को लेकर शिकायत की गई तो नगरपालिका अनूपपुर द्वारा समस्या का समाधान नहीं किया गया बल्कि अपने पत्र क्रमांक 1883 दिनांक 25/11/2021 को सीएम हेल्पलाइन में जानकारी प्रेषित की गई कि पुलिस बल प्राप्त होते ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। लेकिन आश्चर्य की बात है की एल 1 अधिकारी द्वारा खानापूर्ति की गई अतिक्रमण आज भी यथावत बना हुआ है।समयावधि समाप्त होने के बाद सीएम हेल्पलाइन से एल 2 अधिकारी को मामला स्थानांतरित कर दिया गया लेकिन उसके बावजूद भी जिला मुख्यालय के शहर में अतिक्रमण जस का तस बना हुआ है। इसके बाद एल 3 अधिकारी के पास शिकायत पहुंच चुकी वहां भी कार्यवाही अभी तक होते नजर नहीं आई।सीएम हेल्पलाइन केवल नाम के लिए है कार्यवाही कहीं भी नजर नहीं आती।शिकायतकर्ता ने बताया कि पूर्व में भी सीएम हेल्पलाइन में अन्य विभाग से संबंधित शिकायत दर्ज की गई थी लेकिन कार्यवाही एल 4 अधिकारी के पास जाकर लंबित पड़ी रही और उस अधिकारी का रिटायरमेंट हो गया उसे कोई सजा नहीं दी गई। इस तरह कहा जा सकता है की सीएम हेल्पलाइन केवल दिखावे के लिए बनी हुई है कार्यवाही कुछ भी नजर नहीं आती।मध्यप्रदेश शासन के मुख्यमंत्री को इस संबंध में जानकारी प्रेषित की गई है की सीएम हेल्पलाइन पर पैनी नजर डालें और कार्यवाही सुनिश्चित कराएं। सीएम हेल्पलाइन जिस उद्देश्य को लेकर बनी की जन हेतु-जन सेतु का कार्य करेगी लेकिन संबंधित अधिकारी उसके उद्देश्यों पर पलीता लगाते नजर आ रहे हैं।जब सीएम हेल्पलाइन का हाल बेहाल है तो लोग क्या उम्मीद कर सकते हैं कहां लोगों की सुनवाई होगी।जिला मुख्यालय का शहर अनूपपुर है यहां किसी भी और नजर डाला जाए तो चारों तरफ अतिक्रमण की बाढ़ सी आ गई है।जिला मुख्यालय में ही नहीं पूरे जिले के अंदर देखी जा सकती है इसे प्रशासन की सुस्ती ही कहा जाएगा जिसके कारण नए-नए अतिक्रमण को बढ़ावा मिलता जा रहा है। अच्छी चौड़ी सड़कें सकरी गली ही बन गई हैं और जिन गलियों में आने जाने की राह है वहां दुकाने फैली हुई है। लोगों को आने जाने में कितनी तकलीफ होती है यह किसी को नजर नहीं आ रहा स्टेशन से बस स्टैंड हो या किसी भी मार्ग पर नगर पालिका क्षेत्र में आने जाने में हर किसी को तकलीफ है।लेकिन नगरपालिका, राजस्व ,जिला प्रशासन, पुलिस विभाग किसी को भी शहर के अतिक्रमण से कोई लेना देना नहीं है।शहर में कोई पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से दुकानों के सामने चौराहे पर जहां खाली जगह मिली वहां पार्किंग होती रहती है इस पर किसी की नजर नहीं जा रही। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय शिवराज सिंह जी चौहान से अपेक्षा है सीएम हेल्पलाइन को तत्काल प्रभाव से बंद करा दें।जब छोटी छोटी बाते एल 1, एल 2 ,अधिकारी तक नहीं निपट पा रही तो किस काम का सीएम हेल्पलाइन...?