अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई में प्रशासन ने साधी चुप्पी,धरातल पर काम के बजाय झूठे आश्वासनों की घुट्टी

नव निर्मित नगर परिषद् बरगवां के विकास में अतिक्रमण रोड़ा



अनूपपुर/अनूपपुर जिला अंतर्गत बरगवां स्थित सिद्ध मनोकामना पूर्ति हनुमान मंदिर के पास बेशकीमती शासकीय मेला भूमि पर अतिक्रमण के चलते यहां लगने वाला मेला अपनी मूल रौनक खो रहा है। अतिक्रमणकारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे पक्का निर्माण कर रोड के किनारे से खाली मैदान का लगभग एक पूरा हिस्सा पर कब्जा कर लिया हैं। प्रदेश की तस्वीर व तकदीर बदलने प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा विकास कार्यों को गति प्रदान करने के उद्देश्य से विकास यात्रा चलाई जा रही है है लेकिन यहाँ बेशकीमती शासकीय जमीन पर अतिक्रमण होना एवं अनूपपुर प्रशासन द्वारा अत्रिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही न कर चुप्पी साध लेना मुख्यमंत्री की विकास यात्रा के मायने को बदल दिया है।अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से उनके हौसले बुलंद हो गए हैं। गांवों के अन्य लोग भी इन अतिक्रमणकारियों के गलत कार्यों का अनुकरण करने लगे हैं। दरअसल विगत दिनों बरगवां शासकीय मेला भूमि में अतिक्रमण को लेकर समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने पर प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए और तहसीलदार अनूपपुर भगीरथ लहरे दवारा आरआई नाथूलाल कोरी एवं पटवारी को शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 144/1 रकवा 0.9100 में चेतराम चौरसिया द्वारा किये अतिक्रमण की जांच कर जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा ,तदुपरांत नापी करने गई टीम ने पाया कि चेतराम चौरसिया ने उक्त भूमि पर पक्का दिवार एवं माकन बनाकर अतिक्रमण किया है। जांच टीम द्वारा पंचनामा कर जाँच प्रतिवेदन २० जनवरी को कार्यालय में प्रस्तुत कर दिया गया है ,परन्तु इस अतिक्रमण पर कार्यवाही को लेकर प्रशासन की तरफ से मुँह फेर लेना लोंगो के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बस कार्यवाही के नाम पर कार्रवाई की बात कह अखबार के पन्नों पर सुर्खियां बटोरी जा रही है।