भागवत, मोदी, शाह, आंबेकर, सतीश कुमार और अभाविप पर पूछे गए प्रश्न बना देशव्यापी चर्चा का विषय


अनूपपुर। केंद्रीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के 30 से अधिक विभिन्न विभागों के शोधछात्रों से पीएचडी कोर्सवर्क में नया एप्रोच के साथ राष्ट्रीय महत्व के विषयों को सूचना प्रौद्योगिकी से कनेक्ट करते हुए अद्भुत प्रश्न पूछे गए हैं। पूछे गए प्रश्नों को छात्रों द्वारा देश के अलग-अलग संस्थानों के छात्रों से सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर किये जाने से प्रश्नपत्र देशव्यापी चर्चा का विषय बन गया है। कंप्यूटर साइंस फैकल्टी के डीन आचार्य (डॉ.) विकास सिंह द्वारा विभाग विज्ञान, वाणिज्य, शिक्षा, दर्शनशास्त्र, प्राचीन भारतीय इतिहास, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र, पर्यावरण भूगोल, भूविज्ञान, भाषाविज्ञान, जनजातीय अध्ययन, गणित, संग्रहालय विज्ञान, फार्मेसी, भौतिकी, राजनीति विज्ञान, शारीरिक शिक्षा, संस्कृत, समाज कार्य, समाजशास्त्र, पर्यटन, योग, प्राणीशास्त्र विभाग के पीएचडी के शोध छात्रों को कंप्यूटर अनुप्रयोग का एक कॉमन पेपर पढ़ाया जाता है। आचार्य (डॉ.) विकास स्वदेशी जागरण मंच के शहडोल विभाग के विभाग संयोजक तथा महाकौशल प्रांत के प्रांत संपर्क प्रमुख का दायित्व का निर्वहन भी कर रहे हैं।

भारत के ‘स्व’ आधारित पुनरोत्थान के लिये पाँच सूत्रीय शोधकार्य

डॉ. मोहन भागवत का पुस्तक ‘यशस्वी भारत’ से प्रश्न लिया गया है। जिसमें ‘स्व’ की पहचान की आवश्यकता भारत के लिए भी और विश्व के लिए भी जरुरी विषय बताया है। स्वधर्म, स्वदेशी और स्वराज की ‘स्व’त्रयी में निहित समस्त समाज की सहभागिता तथा स्वाधीनता के अमृत महोत्सव के अवसर पर राष्ट्र के स्वत्व का जागरण के लिये पाँच सूत्रीय कार्य सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवन शैली, नागरिक कर्तव्य शिष्टाचार पर अमृतकाल में भारत के वैश्विक नेतृत्व पर निरंतर मजबूती के लिए शोध के दिशा और दशा की आवश्यकता पर प्रश्न पूछा गया है।  

विकसित भारत संकल्प से 140 करोड़ भारतीयों को समृद्ध और सशक्त बनाने पर शोध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वाधीनता सेनानी बिरसा मुंडा जयंती के मौके पर 15 नवंबर 2023 को ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ नारीशक्ति, युवा शक्ति, किसान और गरीब परिवार के उत्थान से भारत को विकसित बनाने एक अभूतपूर्व आउटरीच कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) वैनों का उपयोग करके 2.60 से अधिक ग्राम पंचायतों और 3600 से अधिक शहरी स्थानीय निकायों तक सरकारी योजनाओं का लाभ भारत परिवार के 140 करोड़ सदस्यों को समृद्ध और सशक्त बनाने तथा वोकल फॉर लोकल' में शोध के आयामों पर परिचर्चा किया गया है। सरकार की प्रमुख योजनाओं को पात्र लाभार्थियों की तक व्यापक पहुंच को हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में समुदायों द्वारा उपयोग और नवाचारों को सशक्त बनाने परिवर्तनकारी विषय तथा 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सबका साथ सुनिश्चित करने पर बल दिया गया है। 

सहकारिता से स्वावलंबी भारत के लिए ईएलसीडी फार्मूला

'बहु राज्य सहकारी समितियां संशोधन विधेयक, 2022' पर हुई संक्षिप्त चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने 25 जुलाई 2023 को कहा है कि नयी सहकारी नीति आने वाले 25 वर्षों के लिए सहकारिता का मानचित्र प्रस्तुत करेगी जिसमें राष्ट्रीय डाटाबेस तैयार होगा। शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने सहकारी शिक्षण के लिए आने वाले दिनों में सहकारिता विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। सहकारिता के इतिहास में बड़ा परिवर्तनकारी बदलाव से जवाबदेही, पारदर्शिता और मुनाफा बढेगा। एंटरप्रेन्योरशिप, लोकल, कोऑपरेशन तथा डिसेंट्रलाइजेशन ईएलसीडी फार्मूला (उद्यमिता + स्वदेशी + सहकारिता और विकेंद्रीकरण) के निर्धारण से 739 जिलों के युवाओं का सहकारिता क्षमता-निर्माण हेतु सहकारिता आधारित उद्यमिता से स्वावलंबी बनाने के लिए शोध की दिशा और दशा को स्थानीय संसाधन के आधार पर चिन्हित किया गया है। कृषि, जल, पर्यावरण, ऊर्जा, आयुष, खेल-खिलौना, सेमीकंडक्टर सहित अनेक प्रकार के सहकारिता के आयाम से 50 करोड़ परिवारजनों को स्वावलंबी बनाने के लक्ष्य से सहकारिता विश्वविद्यालय का एक ड्राफ्ट प्रपोजल शेयर किया गया है। इस सहकारिता विश्वविद्यालय का संबंध में देश की सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटीज, राष्ट्रीय महत्व के संस्थान, राज्य / निजी विश्वविद्यालय, डीम्ड यूनिवर्सिटी, पॉलिटेक्निक, यूजीसी एफिलिएटिड कॉलेज, हायर सेकेंडरी स्कूल, आईटीआई सहित एक साथ 739 जिलों की डेढ़ लाख शैक्षणिक संस्थानों से यह सहकारिता विश्वविद्यालय कनेक्ट होकर 9 करोड़ युवाओं तक सहकारिता से स्वावलंबन का कनेक्शन हो सकेगा।

जी-20 थीम वसुधैव कुटुंबकम समावेशी विकास का वैश्विक रोड मैप

वर्ष 2021 से सुनील आंबेकर की कृति ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: स्वर्णिम भारत के दिशा सूत्र’ में भारत की समरसता, एकात्मकता तथा एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प के साथ वसुधैव कुटुंबकम के विभिन्न विचार और राष्ट्रवाद के कार्य को मूर्त रूप दे रहा हैं। देश की एकता और अखंडता अभेद्य और अपराजेय होने जैसे विषय पर केन्द्रित है। 'वसुधैव कुटुंबकम - एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' जो टिकाऊ, समावेशी और मानव-केंद्रित विकास के लिए एक वैश्विक रोडमैप है। जी-20 बैठक में भारत ने आश्चर्यजनक सफलता प्राप्त की और लगभग सौ मुद्दों पर सहमति का निर्माण किया। आतंकवाद की निंदा से लेकर जलवायु के मुद्दों तक, नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने से लेकर सतत विकास के लिये जीवनशैली एवं बहुपक्षीय विकास बैंकों में सुधार जैसे विषयों तक और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना एवं एकीकृत भुगतान इंटरफेस जैसे क्षेत्र में भारत के योगदान को उजागर कर 'वसुधैव कुटुंबकम’ के सिद्धांत पर पूर्ण समर्थन प्राप्त किया। अफ्रीकी संघ को पूर्ण सदस्य, समावेशी विकास, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन, ‘वन फ्यूचर अलायंस’, ‘ग्लोबल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर रिपॉजिटरी’, अनियंत्रित कोयला ऊर्जा को चरणबद्ध तरीके से कम करने की आवश्यकता को स्वीकार हुआ। शोध छात्रों को जी-20 के सफल परिणामों पर नवाचार-अन्वेषण करने की ओर प्रेरित किया गया है।

छः माह में सवा करोड़ उद्यमी बनाने का फॉर्मूला

 सतीश कुमार द्वारा लिखित दो पुस्तक ‘डॉट ऑफ भारत @2047 तथा 37 करोड़ इग्नाइटिंग यूथ” के स्वावलंबी भारत अभियान के मद्देनजर भारत को पूर्ण रोजगार युक्त बनाने, शून्य गरीबी रेखा तथा 10 ट्रिलियन की इकोनॉमी बनाने के संदर्भ में शोध विषय प्रस्तुत किए गए हैं। नैक तथा एनबीए एक्रीडिटेशन के अंतर्गत भारत के सवा लाख से अधिक तकनीकी एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में एक्रीडिटेशन के संदर्भ में प्लेसमेंट सेल के साथ-साथ ‘रोजगार-सृजन-केंद्र’ के माध्यम से प्रत्येक संस्थान को आगामी छः माह में 100 छात्रों को स्थानीय संसाधन के आधार पर उद्यमी बनाने हेतु नवाचार का दिशा बताया गया है तथा इस हेतु नैक तथा एनबीए द्वारा संस्थाओं को उद्यमी बनाने पर एक्रीडिटेशन में विशेष अंक देने का प्रावधान का जिक्र है। इसका लक्ष्य देश के सवा लाख संस्थाओं में प्रत्येक संस्थान द्वारा 100 उद्यमी बनाने का लक्ष्य को केन्द्रित किया गया है।

अभाविप के 69वें राष्ट्रीय अधिवेशन के संदर्भ में शोध-प्रश्न

दिनांक 8 दिसंबर 2023 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 69वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन समारोह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। अमित शाह ने अपने उद्बोधन में देशभर से आए 8000 युवाओं को स्टार्टअप तथा यूनिकॉर्न स्थापित करने की ओर प्रेरित किया। पेटेंट रजिस्ट्रेशन तथा ग्रांट करने तथा डिजिटल इंडिया, खेलो इंडिया, मिशन ग्रीन हाइड्रोजन, नेशनल मिशन ऑन ग्रीन इंडिया, नेशनल स्पेस पॉलिसी सहित उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्व के साथ प्रतिस्पर्धा करने की बात बताई। डिजिटल लेनदेन, एलईडी बल्ब, सबसे बड़ा स्वच्छता कार्यक्रम में भारत को विश्व का नंबर वन देश बताया। मोबाइल, सीमेंट, कॉटन, चाय, स्टील में नंबर दो तथा स्टार्टअप इकोनामी, मोटर व्हीकल में नंबर तीन स्थान पर पहुंचना बताया। इन सभी सेक्टर में भारत नंबर वन पर आ जाए इसके लिए युवाओं को प्रेरित किया। ज्ञान, शील एकता तथा छात्र-शक्ति राष्ट्र-शक्ति को आत्मसात कर भारत को विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए इंपोर्ट कम करने तथा एक्सपोर्ट को बढ़ाने में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी के छात्रों की शोध की दिशा के संदर्भ में भी शोध-प्रश्न दिया गया है।

सीताराम, ओम तथा शिव विषय पर शोध जारी

आचार्य (डॉ) विकास के शोध निर्देशन में स्कॉलर चिन्मय पांडे द्वारा ‘सभी भारतीय सामान पूर्वज के वंशज तथा वंशावली ‘ओम’ विषय का शोध किया जा रहा हैं। नवाचार कृषि तकनीक से स्वस्थ भारत और रामराज्य के संदर्भ में सीताराम विषय पर स्कॉलर बैजनाथ राम का शोध जारी है। इसी क्रम में मृदा परीक्षण को लेकर सॉइल हेल्थ आईडेंटिफिकेशन एंड वेरीफिकेशन नमक शिव टेक्नोलॉजी पर शोध कार्य ऋतुराज सोंधिया द्वारा किया जा रहा है।