सरोवर भ्रष्टाचार के साथ आर्थिक आय का उद्गम स्थल :बृजेन्द्र पंत।


 अनूपपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा एवं भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अनूपपुर मंडल अध्यक्ष बृजेंद्र पंत ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 1 में शिव मारुति मंदिर और उससे लगा हुआ मड़फा जलाशय है कहते हैं इस मंदिर और जलाशय का निर्माण पांडवों ने किया था! तब शायद पांडवों को यह आभास ना रहा होगा कि जिस जलाशय का वे जनकल्याण के लिए निर्माण कर रहे हैं वह जलाशय कलयुग में कर्मचारी,अधिकारियों और राजनीतिक पार्टी के नेताओं के भ्रष्टाचार का माध्यम बन जाएगा, इस क्षेत्र की जनता की आस्था और आवश्यकता का यह सरोवर भ्रष्ट तरीके से आर्थिक आय का स्रोत बनता चला जा रहा है। नगर की हर परिषद ने अथवा इस वार्ड के हर पार्षद ने चुनाव से पहले इस जलाशय के सौंदर्यीकरण कराए जाने का वादा अपने घोषणा पत्र में किया ,आम जनता की भावना के साथ खिलवाड़ और इस जलाशय के सौंदर्यीकरण के नाम पर आई राशि का दुरुपयोग इस जलाशय की नियति बन गई है। अधूरा पड़ा सौंदर्यीकरण का कार्य, किए गए कार्य की निम्न कोटि को दर्शाने के साथ होने वाले कार्य की गुणवत्ता पर भी प्रश्न चिन्ह पैदा कर रहा है इस जलाशय में वर्तमान समय में सुलभ शौचालय निर्माण हेतु लेआउट प्रथम पूज्य गणेश जी व मां भगवती की गणेश चतुर्थी व नवदुर्गा में की जाने वाली स्थापना की जगह के सामने डाले जाने पर जनता की भावना का आहत होना स्वाभाविक है सो जनमानस ने इस लेआउट का विरोध किया जिस पर यह लेआउट शिव मारुति मंदिर के पीछे बने पूज्य पंडित दीनदयाल श्रमिक सेड की बगल में डाला गया, इस जगह पर लाखों रुपए खर्च कर पहले ही बाउंड्री का निर्माण है पथ का निर्माण है और मूल्यवान वृक्ष लगे हुए हैं फिर इस जगह को बदलकर जलाशय के उत्तरी मेढ़ में नर्मदेश्वर शिवालय के पीछ व नगर की जनता द्वारा सदियों से जिस पीपल के वृक्ष के नीचे अपने पूर्वजों का क्रिया कर्म किया जाता है उसके मध्य में लेआउट डाल दिया गया है। प्रश्न यह उठता है कि यह सुलभ शौचालय जलाशय में आने वाले आम नागरिकों की सुविधा के लिए बनाया जाना है तो क्या जब सौंदरीकरण का नक्शा बना तब यह सुलभ कंपलेक्स उस नक्शे में शामिल नहीं था और यदि यह नक्शे में शामिल है तो फिर उसी जगह पर क्यों नहीं बनाया जा रहा है इस जलाशय के पश्चिमी मेढ़ से लगी हुई नगर जल निकास की बड़ी नाली है पश्चिम और दक्षिण के कोने की जगह पर्याप्त जगह है यहां पर इस शौचालय का निर्माण निरापद रूप से किया जा सकता है। जलाशय के पश्चिमी मेढ़ का कार्य रुका हुआ है कहते हैं कि वार्ड नंबर 6 के पार्षद गणेश रौतेल द्वारा इस भूमि पर अपना कुछ विवाद बताया जा रहा है प्रशासन इस समस्या का निराकरण क्यों नहीं कर रहा है। यह नगर हमारा है इसके विकास के लिए पराश्रित रहना उचित नहीं है हमारी जवाबदारी है की विकास के कार्यों का पैसा शत प्रतिशत विकास के कार्य में खर्च हो और इस विकास की राशि का कोई दुरुपयोग न किया जा सके। इस जलाशय के सौंदर्यीकरण के नाम पर राशि का दुरुपयोग ना हो किसी भी निर्माण से जनमानस की भावना आहत न हो और इस जलाशय का नगर हित में सौंदर्यीकरण करण पूर्ण हो।। वैसे इतिहास साक्षी है कि इस पवित्र जलाशय की विस्तार एवं सौंदर्य करण के नाम पर जिनने भी अपने पद और अधिकार का दुरुपयोग किया है वह दोबारा उस पद और अधिकार के लायक रह नहीं गए।। बाकी निर्णय शिव मारुति करेंगे ऐसा विश्वास है।।