सांसद ने नहीं किया कोई प्रयास सूचना अधिकार में हुआ खुलासा अनूपपुर तक विस्तारीकरण का नहीं कोई प्रस्ताव


अनूपपुर । ट्रेन नंबर 11201/11202 नागपुर- शहडोल-नागपुर ट्रेन का कोई भी प्रस्ताव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मुख्य परिचालन प्रबंधक कार्यालय से रेलवे बोर्ड को अनूपपुर तक विस्तारीकरण एवं बिरसिंहपुर स्टेशन पर ठहराव का कोई भी प्रस्ताव आज तक नहीं भेजा गया।    इस बात का खुलासा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत रामपुर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता रविकांत शर्मा को सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी से हुआ।   शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह केवल झूठे आश्वासन देती रही और जनता उनके बहकावे में आती रही।लेकिन सूचना के अधिकार अधिनियम से जानकारी आने के बाद इस बात का पूरी तरह से खुलासा हो गया की सांसद ने कोई प्रयास नहीं किया।जिसके कारण बिलासपुर रेलवे जोन एवं बिलासपुर रेल मंडल ने किसी तरह का कोई प्रस्ताव रेलवे बोर्ड के पास नहीं भेजा।     जिससे ट्रेन का अनूपपुर जंक्शन तक आना एवं बिरसिंहपुर स्टेशन पर ठहराव अभी फिलहाल संभव नहीं दिख रहा।काफी समय से शहडोल से नागपुर चल रही ट्रेन घाटे पर चल रही है।इस बात को स्वयं रेलवे महाप्रबंधक ने अनूपपुर दौरे में बताई थी।जिसको लेकर लगातार मांग की जाती रही की ट्रेन का अनूपपुर जंक्शन तक विस्तार किया जाए।जिससे सरगुजा क्षेत्र के लोग भी लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही बिरसिंहपुर स्टेशन पर ठहराव की मांग भी लगातार की जाती रही।जहां से अच्छे यात्री नागपुर-शहडोल-नागपुर ट्रेन को मिलते।लेकिन रेलवे ट्रेन को जानबूझकर घाटे में ट्रेन को चला रहा है।    शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद लगातार लोगों को बताती रही कि उन्होंने ट्रेन को अनूपपुर जंक्शन तक बढ़ाने के लिए पूरे प्रयास किए हैं,रेल मंत्री से भी मुलाकात की है, लेकिन उनकी बातों में कितनी सच्चाई है यह दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत दी गई जानकारी से पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है।  लोकसभा चुनाव करीब है और सांसद का इस तरह का रवैया लोगों की समझ से परे हैं।आज केंद्र सरकार तक आम लोगों की बातें पहुंचाने का जिम्मा सांसद का होता है।लेकिन वह अपने कर्तव्यों को किस तरह निभा रही है यह अब सभी लोग जानने लगे।लोगों ने अच्छे बहुमत से सांसद के लिए हिमाद्री सिंह का चुनाव किया था कि वह अपने पिताजी स्वर्गीय दलवीर सिंह जी एवं स्वर्गीय माताजी राजेश नंदिनी सिंह जी के पद चिन्ह पर चलते हुए शहडोल संसदीय क्षेत्र के विकास में अपना अमूल योगदान देगी।लेकिन इन्होंने ऐसा कोई प्रयास नहीं किए की शहडोल संसदीय क्षेत्र के लोगों को किसी तरह की सुविधा दिला सके।शायद उन्हें लोकसभा चुनाव 2024 लड़ने का अब मूड नहीं है जिससे वह पूरी तरह से शांत बैठी हुई है।जिससे पूरे शहडोल संसदीय क्षेत्र में आज तक कोरोना के बाद कई ट्रेनों का स्टॉपेज नहीं हो पाया।लोग मांग करते रहे लेकिन उसके बाद भी सांसद ने कोई प्रयास नहीं किया।जिससे आज भी कई स्टेशनों के यात्री ट्रेन के स्टॉपेज का आज भी इंतजार कर रहे हैं।अगर शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद का रवैया इसी तरह रहा तो आने वाले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के लिए मुसीबतें खड़ी हो जाएगी।