अनूपपुर। पिछले एक पखवाड़े से नॉन टीचिंग के पदों पर भर्ती के लिए इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में लगातार विवाद चल रहा था। लिखित परीक्षा में भारी भ्रष्टाचार, घोटाला, बंद कंप्यूटर से कंप्यूटर-बेसटेस्ट कराया जाना तथा लिखित परीक्षा की उत्तरपुस्तिका चेक किये बिना और परिणाम की घोषणा हुए बिना ही स्किल टेस्ट लेने का विवाद राष्ट्रपति भवन से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री निवास तक गूंज रहा था। भ्रष्टाचार की गूंज इस तरह थी की चारों तरफ आंदोलन, गेट जाम किया जा रहा था। आज इन विवादों पर विराम लगते हुए प्रभारी कुलपति प्रो ब्योमकेश त्रिपाठी द्वारा कार्यपरिषद की बैठक में हस्तक्षेप करने के पश्चात् इस विवादित नॉन टीचिंग के पदों पर जॉइनिंग को स्थगित करा दी गई है। भगवा पार्टी के जिला अध्यक्ष कमलेश द्विवेदी तथा प्रदेश सचिव विवेक सरावगी ने प्रो ब्योमकेश त्रिपाठी को इस बाबत पार्टी की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया है।
ज्वाइनिंग स्थगित के साथ इसे निरस्त करने के लिए जारी रहेगा प्रयास
भगवा पार्टी के प्रदेश सचिव विवेक सरावगी ने बताया कि नॉन टीचिंग का पदों पर भर्ती की ज्वाइनिंग रोकी गई है लेकिन इससे ही काम नहीं चलेगा बल्कि इस बात की भी जांच कराई जाएगी की कौन सी प्राइवेट एजेंसी थी जो बंद कंप्यूटर में कंप्यूटर बेस्ट टेस्ट लेकर रिज़ल्ट बिना निकालें तथा लिखित परीक्षा की कॉपी चेक किये बिना सीधे टॉपर घोषित कर दिया था। यह बहुत बड़ा अपराध है और इसमें शासकीय पद का दुरुपयोग, भ्रष्टाचार, घूसखोरी, धोखाधड़ी, कूटरचना, आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर अपराध हुए हैं और इसके दोषी कुलसचिव प्रो हरि नारायण मूर्ति तथा रिक्रूटमेंट सेल के प्रभारी प्रो आलोक श्रोत्रिया के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराया जाएगा तथा इन दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के लिए कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
विश्वविद्यालय का रिक्रूटमेंट सेल बन गया है महाभ्रष्टाचार सेल
भगवा पार्टी के जिला अध्यक्ष कमलेश द्विवेदी ने बताया कि विश्व के बड़े स्तर की भ्रष्टाचार, शासकीय पद की खुलेआम दुरुपयोग करके अवैध नियुक्तियां, अवैध प्रमोशन तथा जनजातीय अधिनियम 2007, विवि स्टेट्यूट, ऑर्डिनेंस का खुलेआम उल्लंघन तथा मनमाने ढंग से भर्ती करने आपराधिक षड्यंत्र रचकर कार्य करने का बड़ा अड्डा विश्वविद्यालय का रिक्रूटमेंट सेल रहा है। यहाँ पर हुए अपराध के दो ट्रक दस्तावेज साक्ष्य के रूप में न्यायालय में पेश होंगे तब दो दर्जन प्रोफेसर जो पिछले पांच वर्षों में फर्जीवाड़ा, रोस्टर छेड़छाड़ करके अपने लोगों की भर्ती करने मनमाने ढंग से किसी को भी चयन समिति में बैठाया है, इन सभी का पर्दाफाश हो जाएगा।
प्रो हरि नारायण मूर्ति तथा प्रो आलोक श्रोत्रिया के विरुद्ध पेश होगा क्रिमिनल केस
प्रदेश सचिव विवेक सरावगी ने बताया कि मैं फर्जी टेंडर, विश्व विद्यालय अनुदान आयोग के डेवलपमेंट फंड का दुरुपयोग, गलत कंस्ट्रक्शन तथा रीजनल सेंटर मणिपुर में किए गए निर्माण में चार गुना तक घोटाला करने तथा करोड़ के भारत सरकार की राशि का गबन करने एवं फर्जी तरीके से रिक्रूटमेंट सेल का संचालन करके अवैध भर्ती कराने के मामले में इन दोनों के विरुद्ध क्रिमिनल केस दायर किया जाएगा तथा इन दोनों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।